5 जनवरी से शुरू होगा दिल्ली विधानसभा सत्र; प्रदूषण और CAG रिपोर्टों पर हंगामे के आसार
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली विधानसभा का सत्र 5 जनवरी से दोबारा शुरू होगा। चार दिन तक चलने वाले इस सत्र में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण संकट और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की तीन अहम रिपोर्टों पर चर्चा होने की संभावना है। यह जानकारी मंगलवार को मंत्री कपिल मिश्रा ने दी।
कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि सरकार प्रदूषण से जुड़ा प्रस्ताव सदन में पेश करेगी और तीन CAG रिपोर्टें भी टेबल की जाएंगी। इनमें ‘शीशमहल’ में कथित भ्रष्टाचार, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कामकाज और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली से जुड़ी रिपोर्टें शामिल हैं। ‘शीशमहल’ शब्द का इस्तेमाल भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित आवास की कथित भव्यता को लेकर किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिश्रा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज पर 2022 तक की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें उन तमाम अनियमितताओं का उल्लेख है, जिनके चलते राजधानी की सीवेज व्यवस्था चरमरा गई। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार के अधीन विश्वविद्यालयों में 2023 तक हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ी CAG रिपोर्ट भी सत्र में पेश की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि विधानसभा प्रदूषण की समस्या की जड़ों पर भी विचार करेगी और पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा किए गए प्रयासों की समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दायर हलफनामों और उनकी मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी।
कपिल मिश्रा ने प्रदूषण से निपटने के लिए विपक्ष से भी सुझाव मांगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा एक रजिस्ट्रार और एक तहसीलदार के निलंबन से यह साफ हो गया है कि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के दिन खत्म हो चुके हैं। पिछली सरकार अब सत्ता में नहीं है। यह नई सरकार है और किसी भी अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
