वीबी जी राम जी योजना की जनजागरूकता के लिए 1043 ग्राम सभा में हुईं बैठकें

0
sabhagar

बहराइच { गहरी खोज }: उपायुक्त श्रम रोज़गार रवि शंकर पाण्डेय ने बताया कि शासन द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में जनपद की 1043 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसमा बैठकों का आयोजन किया गया।आयोजन कर ग्रामवासियों को विकसित भारत गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड अजीविका मिशन ग्रामीण (अधिनियम) 2025: वीबी-जी राम जी के बारे में ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
ग्रामसभा की बैठक में लोगों को जानकारी दी गई कि संसद द्वारा हाल ही में पारित किया गया अधिनियम देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इस नए अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है । जो कि मेहनतकश ग्रामीण समाज के लिए बहुत बड़ा परिवर्तन है। अधिनियम की विशेषताओं पर चर्चा के दौरान लोगों को बताया गया कि पहले वाले अधिनियम, यानी महात्मा गांधी नरेगा में बेरोजगारी भत्ता का लाभ मिलना लगभग असंभव था, क्योंकि उसमें कई शर्तें थीं। लेकिन विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम में ये सब प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब यदि काम मांगने पर कार्य न मिले, तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा। इससे रोजगार का अधिकार अब वास्तव में कानूनी अधिकार बन गया है।
खुली बैठक के दौरान ग्रामवासियों को बताया गया कि अधिनियम की एक विशेषता समय पर मज़दूरी का भुगतान भी है। पूर्व में कई बार मजदूरी में देरी होने की शिकायतें मिलती थीं। अब यदि मजदूरी में देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को पूरा हक मिलेगा। ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रता होने से अब कार्यों की योजना ग्राम सभा में ही तय की जाएगी। ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसके लिए ग्रामीणों का सहयोग अनिवार्य होगा।
नवीन व्यवस्था के तहत कार्य की चार प्रमुख श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं। जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य, ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संवर्धन के कार्य एवं जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्यों से ये चारों क्षेत्र मिलकर विकास, सशक्तिकरण, कन्वर्जेंस और स्थायी आजीविका का आधार बनेंगे।
नवीन व्यवस्था के तहत विभागों का एकीकरण और पारदर्शिता के तहत गाँव के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकत्रित होंगे। इससे दोहराव बंद होगा, विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। नवीन व्यवस्था में कृषि-मजदूरी के बीच बेहतर समन्वय अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा बुवाई एवं कटाई सम्बन्धी मुख्य कृषि संबंधी गतिविधियों हेतु कुल मिलाकर 60 दिनों की अवधि निर्धारित करने का प्रावधान है।
इस दौरान इस अधिनियम के तहत कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होगा, जिससे कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके। ग्रामीणों को सुझाव दिया गया है कि इस नए अधिनियम के बारे में जानकारी केवल सरकारी स्रोतों से ही प्राप्त की जाए तथा इस सम्बन्ध में आयवश्यकतानुसार सूचना पंचायत कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। बैठकों को ग्रामवासियों का बताया गया कि मनरेगा के तहत जो काम अभी चल रहे हैं, वो बिल्कुल सुरक्षित हैं। कोई भी काम रुकेगा नहीं, सब पहले की तरह पूरे होंगे। वीबी-जी राम जी लागू होने बाद नए काम नवीन व्यवस्था अन्तर्गत शुरू हो जाएंगे। जिसका सीधा सा मतलब है कि, काम में रुकावट नहीं बल्कि ज्यादा मौके मिलेंगे। गाँव के विकास का पहिया अधिक तेज़ी से आगे बढ़ेगा। विकसित भारत-जी राम जी कानून पूरी तरह लागू होने पर आपको न केवल 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, बल्कि अधिनियम के लागू होने पर नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी ग्रामवासियों को लाभ प्राप्त होगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *