नितिन नबीन भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष,संदेश साफ है
सुनील दास
संपादकीय { गहरी खोज }: देश के राजनीतिक दलों में भाजपा ही एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो अपने कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा महत्व देती है और पार्टी के मजबूत होने व चुनाव जीतने का श्रेय सबसे पहले कार्यकर्ता को दिया जाता है। भाजपा का बड़े से बड़े नेता चुनाव जीतने का श्रेय खुद नहीं लेता है,यहां तक कि पीएम मोदी भी हर चुनाव जीतने के बाद श्रेय कार्यकर्ताओं को देते हैं और भाजपा में ही कार्यकर्ता काे देवतुल्य कहा जाता है। जो बड़ा नेता होता है, सफल नेता होता है वह इस सच्चाई को जानता है कि पार्टी तब ही मजबूत होती है जब कार्यकर्ता ईमानदारी से काम करता है। पार्टी तब ही चुनाव जीतती है जब कार्यकर्ता में चुनाव जिताने का जज्बा होता है। जब पार्टी में हार न मानने वाले कार्यकर्ता होते हैं तो पार्टी चुनाव जीतती है और उसका फायदा कार्यकर्ता को भी होता है।
भाजपा की यह खासियत उसे दूसरे राजनीतिक दलों से अलग करती है कि भाजपा में सीएम तक कार्यकर्ता होता है।जनता की सेवा करने वाला कार्यकर्ता। भाजपा में पीएम तक जनता तक प्रधान सेवक होता है। भाजपा में कोई पद मिल गया इसका मतलब यह नहीं होता है कि अब उसे पार्टी का काम नहीं करना है, अब उसे शासन करना है,हाल ही में जब जीएसटी कम किया गया था तो सीएम से लेकर सारे मंत्रियों को बाजार बाजार जाकर देखना पड़ा था कि जनता को जीएसटी कम होने का फायदा मिल रहा है या नहीं मिल रहा है। पीएम मोदी खुद भी हमेशा पार्टी व सरकार के लिए काम करते हैं और सबको ऐसा करने के लिए कहते हैं, प्रेरित करते हैं। पीएम मोदी खुद कार्यकर्ता की तरह ज्यादा से ज्यादा काम करते हैं और सीएम से लेकर मंत्रियों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
पीएम मोदी ने आने के बाद उन्होंने पार्टी के लोगों को एकसूत्री मंत्र दिया कि अब से काम करने वाला कार्यकर्ता सीएम से लेकर पीएम बन सकता है। वह खुद एक साधारण कार्यकर्ता से पीएम बने हैं इसलिए वह कार्यकर्ताओं से कहते हैं कि काम करोगे तो उसका फल जरूर मिलेगा। पीएम मोदी कई कार्यकर्ताओं को कई राज्यों का सीएम बनाया है, उसका एक गुण यह था कि उसने पार्टी ने जो कहा उसे ईमानदारी के किया। छग के सीएम साय, राजस्थान के सीएम भजनलाल, मप्र के सीएम मोहन यादव, ओडिशा की सीएम मांझी,हरियाणा के सीएम नायब सिंह,दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, यूपी के सीएम योगी सब इस बात का उदाहरण है कि भाजपा में कार्यकर्ता सीएम से लेकर पीएम तक बन सकता है। पार्टी के लिए काम करना ही एकमात्र कसौटी है। जिसे काम किया उसे बड़ा पद मिला है।
अध्यक्ष पद किसी भी राजनीतिक दल में सबसे बड़ा पद होता है, ज्यादातर दलों में तो ऐसे पद पर किसी बड़े नेता को ही बिठाया जाता है। भाजपा में अध्यक्ष भी सामान्य कार्यकर्ता बनाया जाता है। काम करने वाला कार्यकर्ता बनाया जाता है। ऐसे कार्यकर्ता को बनाया जाता है, जिसे कल पूरा देश नहीं जानता था। हाल में नितिन नबीन को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें कल तक बहुत लोग नहीं जानते थे, कोई सोच नहीं सकता था कि नितिन नबीन को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है, नितिन नबीन खुद नहीं सोचते थे कि उनको कभी कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है, उनको बनाया गया तो यह संदेश साफ है सभी कार्यकर्ताओं के लिए कि ऐसा भाजपा में संभव है। भाजपा ही कार्यकर्ता को सीएम व कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है।
किसी पार्टी में काम करने वालों को जब सीएम, पीएम व अध्यक्ष बनाया जाता है, इससे कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश जाता है कि वह भी एक दिन कुछ बन सकते हैं, कुछ बनाए जा सकते हैं। यह पीएम मोदी का कार्यकर्ताओं को काम करने के लिए प्रेरित करने का अपना तरीका है। वह आश्वासन नहीं देते हैं कार्यकर्ताओं को सीएम व अध्यक्ष बनाकर दिखाते भी है कि भाजपा में ही ऐसा हुआ है और भाजपा में ही ऐसा हो सकता है। किसी भी राजनीतिक दल में पीढ़ीगत परिवर्तन आसान नहीं होता है। कांग्रेस कर नहीं पा रही है,उसके बुजुर्ग नेता पद छोड़ने को तैयार नहीं है और युवाओं को पद मिल नहीं रहा है,इससे पार्टी में असंतोष बना रहता है और पार्टी के लोग आपस में लड़कर पार्टी को कमजोर करते रहते हैं। पीएम मोदी ने भाजपा में धीरे धीरे पीढ़ीगत परिवर्तन कर दिया है। पुराने नेताओं की जगह नए नेता सामने लेकर आए है। पीएम मोदी ऐसा इसलिए कर सके क्योंकि वह शक्तिशाली नेता हैं। राहुल गांधी नहीं कर पा रहे है इसलिए कि वह कमजोर नेता हैं।
