जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सेना-वायु सेना ने त्वरित बाढ़ राहत अभियान चलाया

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  • दोनों सेनाओं ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: जम्मू-कश्मीर और पंजाब के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद भारतीय सेना और वायु सेना ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किये हैं। दोनों सेनाओं ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। उड़ान कौशल का प्रदर्शन करते हुए आर्मी एविएशन इकाइयां जीवन बचाने के लिए खराब मौसम में भी चौबीसों घंटे अथक परिश्रम कर रही हैं। उत्तरी पंजाब और जम्मू क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना ने त्वरित बाढ़ राहत अभियान चलाया है।
भारतीय सेना ने 27 अगस्त को शाम लगभग 4 बजे पंजाब के गुरदासपुर के लस्सियां ​​क्षेत्र में बाढ़ से लोगों की जान को खतरा होने की​ स्थिति में साहसिक बचाव अभियान चलाया। ​आर्मी एविएशन इकाइयों के तीन चीता हेलीकॉप्टरों ​ने कई उड़ानें भरकर अत्यंत विषम उड़ान परिस्थितियों में 27 लोगों को सफलतापूर्वक निकाला।​ भारतीय सेना इस संकट के समय में सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।​ व्हाइट नाइट कोर की विमानन इकाइयों ​ने जलमग्न द्वीपों में फंसे 27 संकटग्रस्त कर्मियों को हवाई मार्ग से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ​पहुंचाया। जम्मू क्षेत्र में व्हाइट नाइट कोर के सैनिकों ने बहुमूल्य जानें बचाईं और संकटग्रस्त लोगों की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
भारतीय वायु सेना ​ने हेलीकॉप्टर बेड़ा सक्रिय​ करके उत्तरी क्षेत्र में निकटवर्ती ठिकानों से ​पांच एमआई-17 हेलीकॉप्टर और एक चिनूक हेलीकॉप्टर को ​तैनात किया है। ​वायु सेना ने बचाव कार्यों में शामिल होने के लिए अतिरिक्त हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर ​रखे हैं।​ चल रहे बचाव कार्यों के लिए आवश्यक आपूर्ति और प्रशिक्षित कर्मियों को उपलब्ध कराने के लिए राहत और बचाव सामग्री ​के साथ एक सी-130 परिवहन विमान ​एनडीआरएफ की एक टीम के साथ जम्मू पहुंच गया है। जम्मू के अखनूर क्षेत्र​ में समन्वय और दक्षता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 12 सैन्य टुकड़ियों और 3 महिला बीएसएफ कांस्टेबलों सहित 11 बीएसएफ कर्मियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया​ है।
पंजाब के पठानकोट क्षेत्र​ में बाढ़ के तीव्र होने पर भारतीय वायु​ सेना के हेलीकॉप्टरों ने फंसे हुए 46 नागरिकों को सफलतापूर्वक निकाला। इसके अलावा स्थानीय समुदायों की सहायता के लिए 750 किलोग्राम से अधिक आवश्यक राहत सामग्री हवाई मार्ग से गिराई गई।​ एक महत्वपूर्ण अभियान में 38 सैन्य कर्मियों और 10 बीएसएफ कर्मियों को गंभीर रूप से प्रभावित डेरा बाबा नानक क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया, जो खतरनाक परिस्थितियों में भी भारतीय वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया और पेशेवरता को दर्शाता है। प्रभावित कर्मियों को बचाने के लिए अतिरिक्त अभियान जारी हैं।
भारतीय वायु सेना की त्वरित कार्रवाई सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय अधिकारियों के साथ घनिष्ठ सहयोग से अनगिनत लोगों की जान बचाने और सबसे अधिक प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में सहायक रही है। उन्नत वायु संसाधनों और अत्यधिक कुशल कर्मचारियों की तैनाती ने चरम मौसम के बीच भी त्वरित, सुरक्षित निकासी और सहायता का कुशल वितरण सुनिश्चित किया। भारतीय वायु सेना स्थिति के अनुसार आगे भी मिशनों को अंजाम देने के लिए तैयार है, जो प्राकृतिक आपदा के समय राष्ट्र और उसके नागरिकों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

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