पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, बेटे ने दी मुखाग्नि

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मुंबई{ गहरी खोज }: भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका आशा भोसले सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। 92 वर्ष की आयु में रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया था। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है।
सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक लोअर परेल स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा दादर स्थित शिवाजी पार्क के लिए रवाना हुई। करीब पांच किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर हजारों प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने अपनी प्रिय ‘आशा ताई’ को फूलों की वर्षा कर भावभीनी विदाई दी।
आशा भोसले का पार्थिव शरीर फूलों से सजी गाड़ी में शिवाजी पार्क ले जाया गया। गाड़ी को उनके पसंदीदा सफेद और पीले फूलों से सजाया गया था। उस पर उनकी एक बड़ी तस्वीर लगी थी। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर वाहन में रखा गया, पुलिस बैंड ने शोक धुन बजाकर उन्हें सम्मान दिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम यात्रा शिवाजी पार्क पहुंची, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
अंतिम संस्कार के दौरान महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बेटे आनंद भोसले ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा परिवार बेहद भावुक नजर आया। वहीं उनकी पोती जनई भोसले फूट-फूटकर रोती दिखीं। इस भावुक माहौल में सिंगर शान और सुदेश भोसले ने उनका लोकप्रिय गीत गाकर उन्हें अंतिम विदाई दी, जिससे माहौल और भी भावुक हो उठा।
आशा भोसले के अंतिम दर्शन के लिए फिल्म और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियां श्मशान भूमि पहुंचीं। इस दौरान आमिर खान, विक्की कौशल, उदित नारायण, अनूप जलोटा और अनु मलिक सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
महान गायिका आशा भोसले ने हिंदी, बंगाली और मराठी सहित विभिन्न भाषाओं में 12000 से अधिक गानों को अपनी जादुई आवाज दी। उनका जाना सिर्फ एक महान कलाकार का निधन नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के एक युग का अंत है। उनकी आवाज और उनके गीत सदियों तक श्रोताओं के दिलों में जीवित रहेंगे।

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