‘वंदे मातरम का विरोध करने वालों को देश छोड़ देना चाहिए’: सीएम योगी

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कोलकाता{ गहरी खोज }: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिले की नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते हैं, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की धरती से, भगवान राम, महादेव और कृष्ण की पवित्र भूमि से, मैं उस भूमि पर आया हूं, जहां राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान है। जो लोग ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते हैं, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।”
सीएम योगी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने संसद का विशेष सत्र बुलाया था। हमने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा में विशेष सत्र का आयोजन किया था। जिस बंगाल से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर और कालजयी कृति ‘आनंदमठ’ के गीत ने भारत के अंदर आजादी का बिगुल फूंका था, उसी ‘वंदे मातरम’ के विषय में बंगाल की विधानसभा में ममता दीदी ने कोई चर्चा नहीं करवाई। उन्हें भय था कि उनका वोट बैंक ‘वंदे मातरम’ का विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं, भारत की धरती पर जो कोई ‘वंदे मातरम’ गाने में परहेज करता है, उसे भारत की धरती छोड़कर वहां जाना चाहिए, जहां उसके लिए स्थान हो। यह तो राष्ट्र वंदना का गीत है, हर भारतवासी को गाना चाहिए। अगर कोई ‘वंदे मातरम’ का विरोध करता है, तो फिर भारत उसे स्वीकार नहीं कर सकता है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख बंगाली हस्तियों का उल्लेख किया, जैसे स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, और राष्ट्रीय भावना पर उनके प्रभाव के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि एक देश में दो कानून नहीं हो सकते, और वह सपना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा हुआ है। अनुच्छेद 370 को हटाना एक लंबे समय से वैचारिक लक्ष्य था, जो अब पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है।”
उन्होंने कहा, “यह वह भूमि है, जो कई वैज्ञानिकों और महान व्यक्तित्वों को जन्म देती है, जिनमें रवींद्र नाथ टैगोर भी शामिल हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसे ध्रुवीकरण और अत्याचार की भूमि बना दिया है। तृणमूल की तुष्टीकरण की राजनीति की कोई सीमा नहीं है। यह चुनावी लाभ के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। टीएमसी सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के काम में सहयोग नहीं कर रही है ताकि घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।” उन्होंने राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र किया और विशेष रूप से आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर मामले को लेकर टीएमसी सरकार की प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की भयावह घटना पर ममता दीदी चुप रहीं, क्योंकि इसमें टीएमसी के गुंडे किसी न किसी तरह शामिल थे। जब महिलाओं और हिंदुओं पर अत्याचार होता है तो वे चुप रहती हैं।

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