किस संगीतकार के साथ गाए सबसे ज्यादा गाने? इनके साथ रही आशा भोसले की सबसे सफल जोड़ी

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मुंबई{ गहरी खोज }:भारतीय संगीत जगत में आशा भोसले का नाम एक ऐसी गायिका के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने अपनी आवाज से हर दौर को खास बना दिया। करीब 80 साल से भी ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने गाए और लगभग हर बड़े संगीतकार के साथ काम किया। उनका हुनर कुछ ऐसा था कि वह हर संगीतकार की जरूरत के हिसाब से आसानी से ढल जाती थीं। लेकिन, जब बात होती है कि आशा भोसले ने सबसे ज्यादा काम किस संगीतकार के साथ किया, तो एक नाम सबसे ऊपर आता है, और वो है आर. डी. बर्मन का, जिन्हें पंचम दा के नाम से भी जाना जाता है।
आर. डी. बर्मन और आशा भोसले की जोड़ी भारतीय संगीत इतिहास की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने मिलकर ऐसे गाने दिए, जो आज भी हर पीढ़ी के बीच लोकप्रिय हैं। ‘दम मारो दम’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘चुरा लिया है तुमने’ और ‘ये मेरा दिल’ जैसे गानों ने उन्हें सुपरहिट बनाया। साथ ही हिंदी फिल्म संगीत में पॉप और डिस्को शैली को भी नई पहचान दी। इस जोड़ी ने पारंपरिक संगीत के साथ आधुनिक धुनों का ऐसा मेल बनाया, जो उस दौर में नया और आकर्षक था।
इसके अलावा ओ. पी. नैय्यर का नाम भी आशा भोसले के करियर में बेहद महत्वपूर्ण रहा। उनके शुरुआती दिनों में ओ. पी. नैय्यर ने ही उन्हें बड़ा मौका दिया और उनकी आवाज को एक अलग पहचान दी। ‘आइए मेहरबान’, ‘ये है रेशमी जुल्फों का अंधेरा’ और ‘जाइए आप कहां जाएंगे’ जैसे गानों ने आशा भोसले को एक अलग मुकाम पर पहुंचाया। नैय्यर के संगीत में जो रिदम थी, उसे आशा भोसले ने अपनी आवाज से और भी खास बना दिया।
वहीं, सचिन देव बर्मन (एस. डी. बर्मन) के साथ भी आशा भोसले ने कई यादगार गाने गाए। 1950 के दशक में जब लता मंगेशकर और दादा बर्मन के बीच कुछ समय के लिए दूरी आई, तब आशा भोसले उनकी प्रमुख गायिका बन गईं। ‘छोड़ दो आंचल जमाना क्या कहेगा’, ‘हाल कैसा है जनाब का’ और ‘दीवाना मस्ताना हुआ दिल’ जैसे गानों में उनकी आवाज ने गहराई ला दी।
खय्याम के साथ आशा भोसले की साझेदारी भी बेहद खास रही। खासतौर पर फिल्म ‘उमराव जान’ के गानों ने उनकी गायकी का एक अलग ही रूप पेश किया। ‘दिल चीज क्या है’ और ‘इन आंखों की मस्ती के’ जैसे गजलों ने यह साबित किया कि आशा भोसले शास्त्रीय और सूफियाना अंदाज में भी उतनी ही माहिर हैं। इन गानों के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।
इसके अलावा, ए. आर. रहमान के साथ भी आशा भोसले ने नई पीढ़ी के लिए कई हिट गाने दिए। ‘रंगीला रे’, ‘तन्हा तन्हा’ और ‘राधा कैसे ना जले’ जैसे गानों में उनकी आवाज ने साबित किया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। उन्होंने नई धुनों और आधुनिक संगीत के साथ खुद को बखूबी ढाला और युवा दर्शकों के बीच भी अपनी पहचान बनाए रखी।

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