महिलाओं को अधिकार देने को चुनावी लाभ बताना, कांग्रेस मानसिकता की समस्या : केशव

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लखनऊ{ गहरी खोज }: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना अगर कांग्रेस को चुनावी लाभ का प्रयास लगता है, तो यह उसकी मानसिकता की समस्या है।
लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम हुआ है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों से लेकर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तक कई कदम उठाए गए हैं।” मौर्य ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल में महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं करा सकी, जबकि भाजपा ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित कर ऐतिहासिक काम किया है।
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद फाइनल मतदाता सूची के विषय पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग का सम्मान करते हुए इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ वोट हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी योग्य मतदाता का नाम कट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकता है, जबकि गलत नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 की व्यवस्था है। मौर्य के अनुसार, इस अभियान से मतदाता सूची का व्यापक शुद्धिकरण हुआ है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का घोषणापत्र जारी होने पर उपमुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने राज्य को विकास में पीछे धकेल दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने वादों को पूरा करने के लिए जानी जाती है और बंगाल में गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर संकल्प पत्र जारी किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने का वादा भाजपा के एजेंडे का हिस्सा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा और वे संसद व विधानसभाओं में अपनी बात मजबूती से रख सकेंगी। उन्होंने इसे देश की प्रगति की दिशा में बड़ा कदम बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। एसआईआर की प्रक्रिया पर बोलते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि पहले कई लोगों के नाम अलग-अलग जगहों पर दर्ज थे, जिन्हें इस बार हटाया गया है। मृत मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने घर-घर जाकर सत्यापन किया और जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी का नाम सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।

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