क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दक्षिण जिला पुलिस ने नेब सराय थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय क्रिप्टो ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति से 6099 क्रिप्टोकरेंसी (करीब 6.10 लाख रुपये) की ठगी की थी। आरोपितों के पास से छह मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि, संगम विहार निवासी अब्दुल रहमान ने शिकायत दी थी कि मोहम्मद अजीम अंसारी ने उसे नकद रकम देने का झांसा देकर क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर करने के लिए कहा। भरोसा कर पीड़ित ने ट्रस्ट वॉलेट के जरिए 6099 क्रिप्टोकरेंसीट्रांसफर कर दिए, लेकिन इसके बाद आरोपियों ने उसे रकम नहीं दी और गुमराह करते रहे। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ट्रांसफर की गई क्रिप्टोकरेंसी कुछ ही सेकंड में अलग-अलग वॉलेट में भेज दी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह ठगी पूरी तरह सुनियोजित थी। इसके बाद नेब सराय थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल फॉरेंसिक की मदद से आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में मोहम्मद अजीम अंसारी और तनीष जोशी उर्फ सुभान गाजियाबाद के रहने वाले हैं, जबकि कौसैन परवेज दिल्ली का निवासी है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम दुबई में बैठे एक हैंडलर के वॉलेट में भेजी जाती थी, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, ट्रस्ट वॉलेट की एक्सेस, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि हुई है।
पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ क्रिप्टोकरेंसी का लेन-देन करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

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