जानबूझकर की गई गलती जनता माफ नहीं करती

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सुनील दास
संपादकीय { गहरी खोज }:
राजनीति में नेताओं को रोज कुछ न कुछ कहना होता है, चुनाव के समय तो एक दिन में कई जगह भाषण देना रहता है,एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ तीखी टिप्पणी करनी होती है।झूठ भी बोलना पड़ता है।कभी कभी ऐसे में बड़े नेताओं से जल्दी जल्दी में कहना कुछ होता है और कह कुछ और जाते है। कभी कभी ऐसा अनजाने में हो जाता है और कभी कभी ऐसा जानबूझकर किया जाता है।जब अनजाने में ऐसा हो जाता है तो नेता को एहसास हो जाता है कि उससे गलती हो गई है और वह तुरंत अपनी गलती मानकर माफी भी मांग लेता है,उसे ऐसे में माफ करने की गुंजाइश रहती है।जनता मान लेती है कि जल्दी जल्दी में गलती हो गई,माफ कर दिया जाए।

राजनीति में ऐसी गलती जब चुनाव के वक्त एक वर्ग विशेष का वोट लेने के लिए किसी राजनीतिक दल का नेता जानबूझकर ऐसी गलती करता है और उसके लिए तुरंत माफी मांगने की जगह कई दिन बाद जब उसे पार्टी के लोग एहसास दिलाते हैं कि आपने तो केरल में बड़ी गलती कर दी है।इससे केरल में राजनीतिक फायदा भले हो लेकिन आने वाले चुनाव में गुजरात में तो हार अभी से तय हो गई है। तो बड़ा नेता कुछ दिन पार्टी को गुजरात चुनाव में राजनीतिक नुकसान हो इसके लिए माफी मांगता है और माफी भी ऐसी मांगता है कि वह दिल से मांगी गई माफी ही नहीं लगती है।ऐसे में गुजरात की जनता उस नेता को कैसे माफ कर सकती है, जिस पार्टी के वह है, उस पार्टी को कैसे माफ कर सकती है।

केरल चुनाव में ही गुजरात मेें कांग्रेस की हार तय कर देने वाले नेता कौई और नहीं कांग्रेस के राष्ट्रीूय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हैं।उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जिताने के लिए प्रचार करने गए थे। इसी दौरान उन्होंने जानबूझकर केरल के लोगों का वोट लेने के लिए कह दिया कि मोदी जी आप गुजरात के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हो लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।उनको यहां पर पीएम मोदी के खिलाफ कुछ कहना था और उन्होंने कह दिया गुजरात के लोगों के खिलाफ। भाजपा तो ऐसे मुद्दों को उठाने में माहिर है। भाजपा नेताओं ने इसे गुजरातियों के अपमान का मुद्दा बना दिया।

भाजपा ने इसकी कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस के डीएनए में गुजरात विरोधी जहर बहता है।गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि खरगे ने न केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है बल्कि महात्मा गांधी व सरदार वल्लभ भाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना,उनकी बौध्दिक क्षमता पर सवाल उठाना अशोभनीय है, इससे कांग्रेस की बीमार मानसिकता उजागर होती है।

पार्टी के लोगों ने उनको एहसास दिलाया तो अध्यक्ष खरगे ने माफी भी ढंग से नही मांगी है। उन्होंने कहा है कि केरल विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों पर कुछ टिप्पणी की थी,जिसे जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।फिर भी वह अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हैं। जब गलती हो गई है तो सीधे माफी मांगना चाहिए कि हां गलती हो गई है, मैं माफी मांगता हूं। ऐसा भी नहीं है कि उन्होंने ऐसी गलती पहली बार की है पहले भी गुजरात चुनाव के समय उन्होंने गलती की थी, पीएम मोदी को दस सिर वाला रावण कहा था और परिणाम कांग्रेस चुनाव हार गई थी। किसी भी पार्टी का अध्यक्ष ऐसी गलती नहीं करता है कि उसकी पार्टी चुनाव हार जाए लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ऐसे अध्यक्ष हैं वह ऐसी गलती बार बार करते रहते हैं और माफी भी मांगते है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का मालूम रहना चाहिए कि जनता जानबूझकर की गई गलती को माफ नहीं करती है।

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