चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक, भय-हिंसा और प्रलोभन रहित होगा चुनाव

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार काफी गहमागहमी मची हुई है। एक तरफ टीएमसी भाजपा और चुनाव आयोग पर लगातार गंभीर आरोप लगा रही है। वहीं, भाजपा भी टीएमसी की शिकायतों को लेकर चुनाव आयोग से कार्रवाई करने की मांग कर रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बुधवार को कड़ा संदेश दिया है।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, “चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक। पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भयरहित, हिंसारहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ और सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे।”
इसके पहले मंगलवार 7 मार्च को राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी किए गए एक बयान में कहा गया था कि संज्ञान में आया है कि मीडिया के एक वर्ग द्वारा यह संदेश प्रसारित किया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2026 के संबंध में मतदान के दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के मतदान एजेंटों को मतदान केंद्र के अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बयान में आगे कहा गया कि यह स्पष्ट किया जाता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन एजेंटों की बैठने की व्यवस्था के संबंध में इस प्रकार का कोई नया दिशानिर्देश जारी नहीं किया है, इसलिए मतदान के दिन मतदान एजेंटों के संबंध में पूर्व दिशानिर्देश अपरिवर्तित रहेगा।
गौरतलब है, पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। राज्य में करीब 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं। इनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 बताई जा रही है। इस बार महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है। जानकारी के मुताबिक, करीब 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, यानी लगभग 200 कंपनियां, चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों पर मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा। मतगणना और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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