नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुका

0
20260407142800_44

नई दिल्ली विज्ञान { गहरी खोज }: नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुका है। आर्टेमिस II के चारों अंतरिक्ष यात्री अब स्पेस में किसी भी इंसान से ज्यादा दूरी तय कर चुके हैं। उन्होंने अपोलो मिशन के 54 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। 55 वर्ष बाद इंसानों ने फिर से चांद का चक्कर लगाया है। यह उपलब्धि न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि 1972 के अपोलो 17 मिशन के बाद पहली बार इंसान फिर से चांद की परिक्रमा करने में सफल हुए हैं। नासा ने एक्स पर लाइव कवरेज के दौरान इस सफलता की घोषणा की। मिशन कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हान्सन ने आर्टेमिस II कैप्सूल ‘ओरियन’ में सवार होकर यह उपलब्धि हासिल की।
मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च हुआ था और भारतीय समय के अनुसार 6-7 अप्रैल की रात यह महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।चांद से करीब 2 लाख 52 हजार 756 मील दूर, चांद की दूसरी तरफ (फार साइड) पहुंचकर इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान जब ओरियन कैप्सूल चांद के पीछे गया, तो भारतीय समय के अनुसार सुबह 4 बजकर 14 मिनट तक यानी लगभग 40 मिनट तक पृथ्वी से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया था। चांद ने रेडियो और लेजर सिग्नल को ब्लॉक कर दिया, जिससे चारों यात्री पूरी तरह अकेले रह गए थे। संपर्क बहाल होने के बाद नासा मिशन कंट्रोल ने फिर से आर्टेमिस II से जुड़ाव स्थापित किया।इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की कई नई तस्वीरें लीं और महत्वपूर्ण डेटा एकत्र किया, जो भविष्य के आर्टेमिस मिशनों और चांद पर मानव लैंडिंग के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
ओरियन कैप्सूल जब चांद के पीछे से गुजरा,तब अंतरिक्ष यात्रियों ने ‘पूर्ण सूर्य ग्रहण’ का अद्भुत दृश्य देखा। उन्होंने चांद को ज्यादातर अंधेरे में डूबा हुआ देखा और इस मौके का उपयोग सौर कोरोना का अध्ययन करने के लिए किया जाएगा। आर्टेमिस II मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 2020 के दशक के अंत तक चांद पर फिर से इंसानों को उतारना है। इस मिशन की सफलता को नासा ने “मजबूत कंधों के साथ आगे बढ़ें” की मिसाल बताया है। चांद पर दुनियाभर के कई देशों के अंतरिक्ष यात्री उतर चुके हैं, लेकिन आर्टेमिस 2 मिशन के तहत अब इंसान पहली बार चांद के उस हिस्से को देख रहा है, जिसे पहले कभी नहीं देखा जा सका। इस मिशन में नासा का ओरियन स्पेसक्राफ्ट चांद की काफी गहराई तक भेजा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *