उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पर संदेश: राज्यपाल ने नामांकन, नियुक्ति और नैक-एनआईआरएफ में सक्रियता के दिए निर्देश

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लखनऊ{ गहरी खोज }: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में जनभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, नामांकन बढ़ाने और विद्यार्थियों के समग्र विकास को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में शैक्षणिक उत्कृष्टता, नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन पर विशेष जोर रहा।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने महाविद्यालयों में घटते नामांकन पर चिंता जताते हुए प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ा जाए। इसके लिए स्कूलों, इंटर कॉलेजों और अभिभावकों से व्यापक जनसंपर्क बढ़ाने तथा संस्थानों की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों की संख्या बढ़ाने से अधिक जरूरी गुणवत्ता सुधार है। बेटा-बेटी दोनों को समान रूप से शिक्षा दिलाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने की भी बात कही। शिक्षकों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर जोर देते हुए राज्यपाल ने निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों की पीएचडी अधूरी है, वे इसे शीघ्र पूरा करें। जहां पद रिक्त हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अंतरिम व्यवस्था के तौर पर ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था लागू करने और ‘क्लस्टर प्रणाली’ विकसित कर शिक्षकों का समुचित उपयोग करने को कहा गया।
राज्यपाल ने ई-कंटेंट लाइब्रेरी के अधिकतम उपयोग, नियमित कक्षाओं के संचालन और अधिकारियों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण को अनिवार्य बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि शैक्षणिक अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने महाविद्यालयों में स्वच्छता, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जाए। साथ ही महान विभूतियों पर आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की भी आवश्यकता बताई।
विद्यार्थियों के रोजगारोन्मुखी विकास पर बल देते हुए राज्यपाल ने प्लेसमेंट गतिविधियों को मजबूत करने, ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं में भागीदारी बढ़ाने और ‘अग्निवीर’ जैसे अवसरों से युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय मांग के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं और महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन एवं एनआईआरएफ रैंकिंग में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है।

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