आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत उप्र के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्थलों का होगा सौंदर्यीकरण

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लखनऊ{ गहरी खोज }: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य में डॉ. भीम राव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत देश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 आंबेडकर स्थलों का विकास और साैंदर्यीकरण कराएगी। इस प्रस्ताव काे आज कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई। इसके तहत सरकार ने बजट में 403 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक के बाद उप्र सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने लोकभवन के मीडिया सेंटर में पत्रकारों उक्त जानकारी दी। मंत्री अरुण ने बताया कि इस योजना के तहत समाज के विकास में अहम योगदान देने वाले पुरुष और स्त्रियों से जुड़े सभी स्थान का विकास जाएगा। ऐसे सभी स्थानों का विकास होगा, जहां डॉ. आंबेडकर या अन्य जिन्होंने समाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी और उनकी मूर्तियां लगी हैं। उन स्थलों का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से छतरी, चहारदीवारी, हरियाली आदि व्यवस्था की जाएगी। एक मूर्ति स्थल पर अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका डिजाइन मानक तैयार किया जाएगा। स्थानीय मूर्ति कला का भी ध्यान रखा जाएगा। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्राें में ऐसे 10 स्थलों का चिन्हित कर विकास किया जाएगा। इन पर कुल मिलाकर 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना में उन्हीं मूर्तियों को शामिल किया जाएगा जो 25 दिसंबर 2025 तक लगाई जा चुकी हैं।
उन्हाेंने बताया कि इसके साथ ही ऐसे सामाजिक न्याय के प्रणेता संत रविदास, संत कबीरदास, ज्योतिबा फूले और महर्षि बाल्मीकि की मूर्ति स्थलों को भी इस योजना में लिया जाएगा। प्रथम चरण में सार्वजनिक स्थलों पर लगी मूर्तियों के सौंन्दर्यीकरण के लिए कार्य किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण फैसलाें पर मंजूरी मिली है। कैबिनेट बैठक में जनपद बलिया में बहुप्रतीक्षित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) स्थापना के सम्बंध में प्रस्ताव को अनुमोदन मिला है। 14.05 एकड़ भूमि कारागार विभाग की ओर से चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की गई है। इस पर 437 करोड़ की अनुमानित लागत आएगी। यह मेडिकल कॉलेज महर्षि भृगुजी के नाम पर स्थापित होगा। महर्षि भृगु शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय इसका नाम रहेगा।
इसके अलावा पूर्वी पाकिस्तान(बांग्लादेश) से विस्थापित हिन्दू बंगाली परिवारों को जनपद कानपुर देहात में पुनर्वास के लिए लीज रेंट एवं पट्टे के प्रारूप निर्धारण प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है। इसी तरह जनपद मेरठ के मवाना तहसील के ग्राम नगला गोसाईं में पूर्वी पाकिस्तान(बांग्लादेश) से विस्थापित 99 परिवारों को जनपद कानपुर देहात के तहसील रसूलाबाद के ग्राम भैंसाया, व ग्राम ताजपुर तरसौली में पुनर्वासित करने के प्रस्ताव काे भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

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