स्थापना दिवस आत्मावलोकन करने का दिन
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सुनील दास
संपादकीय { गहरी खोज }: किसी दिन राजनीतिक दल की स्थापना होती है। इसी दिन से राजनीतिक दल का सफर शुरू होता है। सभी राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता प्राप्त करना होता है। सभी मानते हैं कि जनता व देश की सेवा सत्ता के जरिए अच्छे से की जा सकती है। सत्ता हो तो जनता और देश को एहसास दिलाना आसान होता है कि देखों आपके लिए हम क्या कुछ कर रहे हैं।स्थापना दिवस पर भाजपा तरह तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। खुशी मनाई जाती है,पार्टी ने एक साल में और क्या क्या कार्य किए हैं। जनता को बताया जाता है भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो कहती है,वह करती है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा अपना ४७ वां स्थापना दिवस ६ अप्रैल को मनाया। भाजपा हर साल स्थापना दिवस पर सेवा सप्ताह मनाती है। इस दौरान जनता की सेवा का काम किया जाता है और सगंठन को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।मजबूत संगठन ही गांव गांव तक जाकर सेवा कर सकता है और जनता के बीच अपनी सेवक की छबि बना सकता है। यह अच्छी बात है कि इससे नेता हो या कार्यकर्ता उसे एहसास दिलाया जाता है कि वह पार्टी का सदस्य होने के नाते जनता का सेवक है। जब शीर्ष नेता पीएम पद पर रहकर खुद को जनता का प्रधान सेवक कहता है तो राज्य व गांव के भाजपा कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस पर यह बात याद रखनी चाहिए कि पार्टी के सत्ता मिली है जनता की सेवा के लिए।जिस दिन वह खुद को जनता का सेवक मानने की जगह जनता पर शासन करने वाले मानने लगेगा उसी दिन से पार्टी का पतन होना शुरू हो जाता है.
भाजपा में नेताओं व कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाया जाता है उनको प्रशिक्षण दिया जाता है कि सत्ता मिली है तो उनका व्यवहार जनता के बीच कैसा रहना चाहिए। जनता के बीच उनको विनम्र रहना चाहिए यह जताने या दिखाने का प्रयास नहीं करना चाहिए कि मेरी पार्टी सत्ता में है तो मैं मनमानी कर सकता हूं. मैं कानून से ऊपर हो गया हैं। ऐसा कई बार भाजपा के नेता व कार्यकर्ता भी करते हैं, इसलिए स्थापना दिवस पर उनको शपथ दिलानी चाहिए कि पार्टी के सत्ता होने का अहंकार पार्टी के लिए ठीक नहीं होता है, जनता के बीच संदेश जाता है कि सत्ता मिलने ने नेताओं व कार्यकर्ताओं को अहंकार हो गया है। वह खुद को खास समझने लगे हैं ऐसे में जनता चुनाव में पार्टी को हराकर बता देती है कि उसके लिए कोई खास नहीं है,सब सेवक हैं,जो सेवक बना रहेगा उसे ही जनता चुनेगी।
भाजपा स्थापना दिवस पर भाजपा को सीखने के लिए किसी दूसरे नेता का जरूरत नहीं है। उसके दो नेता पीएम मोदी व गृहमंंत्री अमित शाह ऐसे नेता हैं जो किसी भी राजनीतिक दल के पास नहीं है।पार्टी व देश के लिए कैसे काम किया जाता है,दोनों नेताओं ने अपने दस साल में भाजपा नेताओं को भी सिखाया है और दूसरे नेताओं को बताया है। पीएम मोदी व शाह ने जो काम हाथ में लिया, उसे पूरा करके दिखाया है।हर भाजपा नेता को मोदी व शाह से सीखना चाहिए कि कोई काम करना है तो कैसे करना है।पार्टी को मजबूत करना है तो कैसे करना है चुनाव जिताना है तो कैसे जिताना है। तीन बार पीएम बनना है तो कैसे बनना है।देश का विश्व में सम्मान बढ़ाना है तो कैसे बढ़ाना है।
भाजपा को स्थापना दिवस पर यह बात याद रखनी चाहिए कि कोई भी पद मिलता है तो वह धन संपत्ति के मोह से मुक्त रहे। पीएम मोदी धन के मोह से मुक्त है, इसलिए वह देश व पार्टी के लिए पूरी ईमानदारी से काम करते हैं, जनता में इसीलिये लोकप्रिय है कि वह सेवक की तरह जनता का काम करते हैं, और सभी नेताओं से ज्यादा ईमानदार है। बड़े नेता को सबसे ज्यादा ईमानदार होना चाहिए। पीएम मोदी ऐसे नेता हैं जिनके समय में पार्टी अमीर हुई है लेकिन पीएम मोदी को यह पसंद नहीं है कि पार्टी के नेता अमीर हो। इसी वजह से भाजपा कांग्रेस से अलग है, कांग्रेस में पार्टी गरीब है और उसके नेता अमीर हैं।
