बिना जिम जाए करें हाई इंटेंसिटी वर्कआउट और शरीर से दूर भगाएं ये घातक बीमारियां: बाबा रामदेव
लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }:एक्सरसाइज़ नॉर्मल स्पीड से हो या हाई स्पीड से हर तरह से फायदेमंद होती है। लेकिन, एक ताज़ा रिसर्च के बाद हेल्थ एक्सपर्ट्स इस नतीजे पर पहुंचें हैं कि रोज़ाना कुछ मिनट की तेज़ फिज़िकल एक्टिविटी याद्दाश्त कमज़ोर होने के रिस्क को 63% तक घटा देती है। हर दिन केवल कुछ मिनट हाई इंटेसिटी वर्कआउट करने से डायबिटीज़, डिमेंशिया, हार्ट डिज़ीज़ जैसी बड़ी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कन्ट्रोल किया जा सकता है। योगगुरू स्वामी रामदेव बता रहे हैं कि तेज़ एक्टिविटी आपके लिए कितना फायदेमंद हो सकती है और बिना जिम जाए वर्कआउट कैसे करें?
हाई इंटेसिटी वर्कआउट करने से क्या होता है?
तेज़ फिज़िकल एक्टिविटी करने से बॉडी में ऐसे बायोलॉजिकल बदलाव होते हैं जो नॉर्मल एक्सरसाइज़ से नहीं हो पाते। तेज़ वर्कआउट करते वक्त दिल बेहतर काम करता है, ब्लड वेसल्स लचीली बनती है और फेंफड़े ज़्यादा ऑक्सीजन ले पाते हैं। इससे शरीर में बढ़ी सूजन भी घटती है जिससे सोरायसिस, आर्थराइटिस जैसी इंफ्लेमेटरी बीमारियां भी कंट्रोल होती हैं।
पावर योग के फायदे
पावर योग के नियमित अभ्यास से हार्ट रेट बढ़ता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है और कठिन योगासन करने से फैट लॉस में मदद मिलती है। यह शरीर को अधिक फ्लेक्सिबल बनाता है और वेट लॉस की प्रक्रिया को तेज करता है। साथ ही, यह जोड़ों के दर्द में राहत देता है और हड्डियों व मसल्स को मजबूत बनाकर शरीर को ज्यादा फिट और एक्टिव बनाता है।
मोटापा होगा कंट्रोल:
हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करने से मोटापा भी तेजी से कम होगा। वर्कआउट के साथ आप रोज़ाना गुनगुना पानी पिएं, सुबह खाली पेट नींबू पानी लें, डाइट में लौकी का सूप, जूस और सब्जी शामिल करें, अनाज और चावल की मात्रा कम करें, ज्यादा से ज्यादा सलाद खाएं और खाने के करीब 1 घंटे बाद ही पानी पिएं।
लंग्स जरूर हार्ट को बनाएं मजबूत
लंग्स और हार्ट को मजबूत बनाने के लिए रोज़ प्राणायाम करें, गुनगुना पानी पिएं, तुलसी और गिलोय का काढ़ा लें, 15 मिनट तक व्यायाम करें, साथ ही लौकी का जूस और अर्जुन की छाल का सेवन करें।
बिना जिम के कैसे करें हाई इंटेसिटी वर्कआउट
हाई इंटेंसिटी वर्कआउट के लिए जिम जाना ज़रूरी नहीं है। आप अपने कामों में स्पीड बढ़ाकर भी इसे कर सकते हैं- जैसे सीढ़ियां तेज़ी से चढ़ना, काम करते समय तेज़ चलना, और मौका मिलने पर स्किपिंग या जंपिंग करना।
