चाय जनजातियों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती रही कांग्रेस : जेपी नड्डा

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तिनसुकिया{ गहरी खोज }: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सोमवार को असम पहुंचे। उन्हाेंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने असम की चाय जनजातियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उनके वास्तविक विकास की अनदेखी की।
दुमदुमा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार रुपेश गोवाला के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि वर्षों तक समर्थन मिलने के बावजूद चाय जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हर चुनाव में इन समुदायों से वोट तो लिए, लेकिन उनके भविष्य को नजरअंदाज किया।
जेपी नड्डा ने चाय जनजातियों के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि ये समुदाय औपनिवेशिक काल में झारखंड, उड़ीसा और बिहार से लाए गए श्रमिकों के वंशज हैं और आज असम के कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान बाहरी लोगों को असम में आने दिया गया और उन्हें पहचान पत्र व सरकारी लाभ भी दिए गए, जिससे स्थानीय लोगों, विशेषकर आदिवासियों और गरीब वर्गों की जमीन पर अतिक्रमण बढ़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने और अतिक्रमित जमीन को वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्हाेंने चाय जनजाति के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने घुसपैठ का विरोध कर क्षेत्र के भविष्य की रक्षा की है। कांग्रेस शासनकाल पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि पहले असम में हिंसा, अशांति, हड़ताल और कर्फ्यू का माहौल रहता था, जबकि पिछले एक दशक में भाजपा के नेतृत्व में राज्य में स्थिरता आई है। उन्होंने राज्य में चल रही जनकल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए भरोसा दिलाया कि एनडीए की सरकार बनने पर इन्हें और विस्तारित किया जाएगा। नड्डा ने आगामी 9 अप्रैल के चुनाव में भाजपा-नीत गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की।

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