देश में रसोई गैस का पर्याप्त भंडार, घबराकर अनावश्यक भंडारण न करेंः केंद्र

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्र सरकार ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और ईंधन की आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रहीं तमाम प्रकार की भ्रामक खबरों और अफवाहों पर लोगों से विश्वास न करने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि भारत में ईंधन और गैस का पर्याप्त स्टॉक है। उपभोक्ता अपनी आवश्यकतानुसार ही खरीदारी करें और घबराकर अनावश्यक भंडारण न करें।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और प्रतिदिन लगभग 50 लाख सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। पिछले 14 दिनों में 6.75 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे गए हैं।
शर्मा ने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तेज कर दी है। इसके लिए उपभोक्ता केवल एक वैध पहचान पत्र के साथ नजदीकी विक्रेता से 5 किलो का सिलेंडर ले सकता है। इसके लिए आवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। चार अप्रैल को इसकी बिक्री 90 हजार के पार पहुंच गई। किसी भी विक्रेता के पास स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं है। पिछले पांच सप्ताह में लगभग 18 करोड़ घरों को एलपीजी सिलेंडर पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से मंगवाता है। सरकार ने समय रहते अतिरिक्त कार्गो का इंतजाम कर लिया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में पिछले दो दिनों में करीब 5,500 जागरूकता शिविर लगाए गए हैं जिसमें 6,700 पांच किलो के सिलेंडर बेचे गए हैं। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुड्डुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग अब तक के उच्चतम स्तर 97 प्रतिशत पर पहुंच गई है। गैस की कालाबाजारी और डायवर्जन को रोकने के लिए 90 प्रतिशत डिलीवरी अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (ओटीपी) के जरिए की जा रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विक्रेता रविवार और छुट्टियों के दिन भी अपनी दुकानें खोल रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण कमर्शियल एलपीजी में कुछ कटौती की गई थी लेकिन पिछले तीन सप्ताह में लगभग 42 लाख (19 किलो वाले) कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, घरेलू पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस आपूर्ति को बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया जा रहा है। निर्यात शुल्क भी लगाया गया है और हमारे यहां पर जो तेल का दाम है वह हमारे पड़ोसियों के मुकाबले काफी कम है। हमारे निजी क्षेत्र में ‘ऑयल मार्केटिंग कंपनी’ के पंप पर एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कुछ निजी पंपों पर एलपीजी की कमी की वजह से मांग का पूरा दबाव सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों पर आ गया है।
इसके अलावा सरकार ने तेल कंपनियों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर होर्डिंग और काला बाजारी के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। पिछले 4-5 सप्ताह में 1 लाख से ज्यादा छापेमारी की गई है। 52 हजार सिलेंडर जब्त किए गए और 850 शिकायतें दर्ज कर 220 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर 118 विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया है और 41 को निलंबित कर दिया गया है।

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