भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा करती रही है विश्व का मार्गदर्शन : राज्यपाल

0
bede90c801b52ebfa008492113b94a98

धनबाद{ गहरी खोज }: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सोमवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से आयोजित इंवेटिव 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन भारत के नवाचार, अनुसंधान और भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां शोध, नवाचार, निवेश और नीति एक साथ आकर देश के विकास को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा सदैव विश्व का मार्गदर्शन करती रही है और आज भी देश नवाचार-आधारित विकास के माध्यम से उस गौरव को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के नवाचार भारत की बौद्धिक क्षमता का सशक्त परिचय प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत एवं निवेशकों की सक्रिय सहभागिता है तथा 150 से अधिक उच्च-क्षमता वाले नवाचार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य, सेमीकंडक्टर, मटेरियल साइंस एवं पृथ्वी विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद अपनी गौरवशाली विरासत के साथ देश के अग्रणी संस्थानों में से एक है तथा नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमिता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि व्यक्तिगत रूप से उनका आईआईटी संस्थानों से विशेष जुड़ाव रहा है, जिसके कारण उन्हें वहां की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन एवं नवाचार संस्कृति को निकट से समझने का अवसर प्राप्त हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि यह मंच लैब से लैंड तक की यात्रा को साकार करने का माध्यम है, जहां से निकलने वाले विचार एवं साझेदारियां नए स्टार्टअप्स, तकनीकों और रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब हमारे लिए यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ करते हुए प्रौद्योगिकी, ऊर्जा एवं अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनें तथा विश्व के लिए एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में आगे बढ़ें।
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश निरंतर अग्रसर है तथा आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं डिजिटल इंडिया जैसी पहलें नवाचार-आधारित विकास को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, ऊर्जा एवं सृजनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें, अनुशासन एवं सकारात्मकता को अपनाएं तथा नवाचार के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। उक्त अवसर पर राज्यपाल की ओर से वाधवाणी इनोवेशन सेंटर एवं प्रोजेक्ट रिन्यू सूर्या का भी उद्घाटन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *