सारंडा के जंगल में नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ जवान घायल, एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया
चाईबासा/रांची{ गहरी खोज }: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में मेंसारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ जारी ‘एंटी-नक्सल’ ऑपरेशन के दौरान सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आने से सीआरपीएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। जवान को तत्काल मौके से रेस्क्यू कर बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल चाईबासा के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के विरुद्ध सघन तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट की चपेट में आने से जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
घटना के तुरंत बाद आला अधिकारियों को सूचित किया गया और हेलीकॉप्टर के जरिए घायल जवान को रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। सुरक्षाबलों के अनुसार, सारंडा में पुलिस और नक्सलियों के बीच निर्णायक लड़ाई चल रही है। जनवरी महीने में एक साथ 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद बौखलाए नक्सलियों ने अब जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए जंगल के रास्तों और पगडंडियों पर भारी तादाद में विस्फोटक बिछा दिया है।
फरवरी और मार्च के महीने में ही सारंडा में तीन भीषण ब्लास्ट हो चुके हैं, जिसमें एक ग्रामीण की मौत हुई है और कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हुए हैं। 1 मार्च को भी इसी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ था, जिसमें कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
ताजा घटना के बाद चाईबासा और आसपास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने सारंडा के जंगलों में अपनी गश्त और सर्च ऑपरेशन को और अधिक तेज कर दिया है, ताकि छिपे हुए अन्य विस्फोटकों को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके और नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
