पश्चिम बंगाल चुनाव: 4,660 सहायक पोलिंग स्टेशन को मंजूरी, मतदाताओं को राहत
नई दिल्ली{ गहरी खोज } : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने राज्य में 4,660 सहायक मतदान केंद्र बनाने को मंजूरी दी है। ये केंद्र उन स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां किसी एक पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक है।
इस फैसले के साथ ही 321 मौजूदा मतदान केंद्रों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी गई है। अब राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या, सहायक केंद्रों सहित, बढ़कर 85,379 हो गई है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सहायक मतदान केंद्र स्थापित करते समय ‘मतदान केंद्रों पर नियमावली, 2020’ के पैरा 4.2.2 में दिए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही जिन मतदान केंद्रों की लोकेशन बदली जा रही है, वहां के हर मतदाता को व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
आयोग ने कहा है कि नए सहायक मतदान केंद्रों और स्थानांतरण की जानकारी संबंधित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप में सूचित करना जरूरी होगा।
निर्देश दिया गया है कि इस प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों को समय रहते पूरी जानकारी दी जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। यह कदम खासतौर पर मतदाताओं को लंबी कतारों से राहत देने और अधिक से अधिक लोगों को आसानी से मतदान करने का अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
