राजनाथ सिंह ने ‘लार्ज कैविटेशन टनल’ परियोजना की रखी आधारशिला

0
T20260404206865

विशाखापत्तनम{ गहरी खोज }: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 03 अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (NSTL) में ‘लार्ज कैविटेशन टनल’ परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत को मजबूत नौसेना शक्ति और रक्षा प्रौद्योगिकी में अग्रणी के रूप में स्थापित करेगी।
रक्षा मंत्री ने नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने टॉरपीडो सिस्टम, पानी के नीचे की माइंस, डिकॉय और एयूवी (AUV) जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुसंधान कर नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने ‘स्वार्म टेक्नोलॉजी’ और लिथियम-आयन बैटरी के विकास को भविष्य की युद्ध-तैयारी के लिए अहम बताया।
राजनाथ सिंह ने एनएसटीएल से आग्रह किया कि वह देश के सुरक्षा बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए समर्पण के साथ काम करता रहे। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकें समुद्र में तैनात नौसैनिकों के आत्मविश्वास और मनोबल को बढ़ाती हैं तथा रक्षा बलों की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करती हैं।
इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी, पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ संजय भल्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में परिकल्पित यह परियोजना हाइड्रोडायनामिक अनुसंधान में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करेगी। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के जहाजों, पनडुब्बियों और पानी के भीतर संचालित प्लेटफॉर्म्स के डिजाइन और विकास को बेहतर बनाना है। यह सुविधा क्लोज्ड-लूप सिमुलेशन और फ्री-सरफेस सिमुलेशन, दोनों को एक ही सेटअप में संचालित करने की क्षमता रखेगी, जो इसे विश्व स्तर पर अद्वितीय बनाएगी। इसके शुरू होने के बाद विध्वंसक और विमान वाहक पोत जैसे प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स के डिजाइन और प्रणोदन प्रणालियों के सटीक परीक्षण संभव हो सकेंगे। परियोजना के चालू होने के बाद देश के जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बल मिलेगा और भारत की रक्षा तकनीकी क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *