ईसीआईनेट से मतदाताओं को मिलेगी उम्मीदवारों की पूरी जानकारी :चुनाव आयोग

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नई दिल्‍ली{ गहरी खोज }:आम चुनाव और उप-चुनाव 2026 में ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म का उपयोग कर मतदाता उम्‍मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। ईसीआईनेट को चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में देखा जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों के साथ-साथ गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा के आठ विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया है। इस चुनावी कार्यक्रम के तहत असम, केरल और पुडुचेरी सहित चार राज्यों में होने वाले उपचुनावों में कुल 1,955 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। वहीं तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं, जहां नामांकन प्रक्रिया जारी है और उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि क्रमशः 9 अप्रैल (तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चरण-I) तथा 13 अप्रैल (पश्चिम बंगाल चरण-II) निर्धारित की गई है।
चुनावों में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को प्रमुखता से लागू किया है। इस प्लेटफॉर्म के “नो योर कैंडिडेट (केवाईसी)” मॉड्यूल के माध्यम से मतदाता अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्तियों और देनदारियों के साथ-साथ उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए शपथ पत्र (फॉर्म 26) को डाउनलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे मतदाता उम्मीदवारों की विस्तृत प्रोफाइल का अध्ययन कर सकते हैं।
ईसीआईनेट को चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो 40 से अधिक ऐप्स और पोर्टल्स को एकीकृत कर सभी चुनावी सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम खोजने, अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक करने, चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने, बीएलओ के साथ कॉल बुक करने और ई-ईपीआईसी डाउनलोड करने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही, यह प्लेटफॉर्म मतदान रुझानों की जानकारी देने और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को भी सरल बनाता है।
इसके अतिरिक्त, ईसीआईनेट एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जहां मतदाता रियल-टाइम जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी शिकायतों का समाधान भी पा सकते हैं। इसमें ‘सी-विजिल’ जैसे टूल के माध्यम से चुनावी उल्लंघनों की रिपोर्टिंग की सुविधा दी गई है, जबकि ‘सक्षम’ जैसी सेवाओं के जरिए दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुलभ चुनावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यह पहल भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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