दिल्ली के नांगली इलाके से ‘मुखिया गैंग’ का सरगना गिरफ्तार
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड (एजीएस) ने ‘मुखिया गैंग’ के कुख्यात सरगना राहुल उर्फ दहुर उर्फ राजू मुखिया (38) को द्वारका के नांगली इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपित तीन मामलों में भगाेड़ा था और लगातार अदालत में पेशी से बचता आ रहा था।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदाैरा ने बुधवार को बताया कि राहुल मुखिया बिहार के मधुबनी का रहने वाला है और दिल्ली व हरियाणा में दर्ज चार आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। गिरफ्तारी से पहले वह जमानत पर बाहर था, लेकिन बार-बार अदालत में पेश से बच रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 30 मार्च को जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि ‘मुखिया गैंग’ बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। गैंग के सदस्य पहले प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए संपन्न परिवारों में घरेलू नौकर या नौकरानी बनकर घुसपैठ करते थे। भरोसा जीतने के बाद घर के सदस्यों की दिनचर्या और कीमती सामान की जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद सही मौका देखकर अन्य साथियों को बुलाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार राजौरी गार्डन निवासी एक डॉक्टर के घर वर्ष 2016 में हुई 25-30 लाख रुपये की चोरी और गुरुग्राम में 2014 में करीब एक करोड़ रुपये की चोरी की वारदात में भी राहुल की संलिप्तता सामने आई थी। एक मामले में तो पीड़िता को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि वह 2006 से 2011 के बीच केयरटेकर का काम करता था, इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश रचनी शुरू की। बाद में उसने अलग-अलग राज्यों में घरेलू नौकरों का नेटवर्क खड़ा कर बड़े स्तर पर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी से कई लंबित मामलों के खुलासे की उम्मीद है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
