असम के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा को वोट नहीं देंगे: मुख्यमंत्री हिमंत

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गुवाहाटी{ गहरी खोज }: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएस) को असम में चुनावी समर्थन मिलने की संभावना कम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के वोटरों की क्षेत्रीय भावनाएं किसी बाहरी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं होंगी।
दुलियाजान में एक चुनावी अभियान के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इस पार्टी की पहचान असम के लोगों से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि असम के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा को वोट नहीं देंगे। अगर इसका नाम ‘असम मुक्ति मोर्चा’ होता, तो बात कुछ और होती। यह टिप्पणी उन्होंने राज्य में इस पार्टी की मौजूदगी पर तंज कसते हुए की। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में असम के दिवंगत गायक ज़ुबीन गर्ग का जिक्र किए जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और एक सांस्कृतिक हस्ती का राजनीतिकरण करने के खिलाफ आगाह किया। उन्होंने कहा कि गायक के प्रशंसक दो श्रेणियों के होते हैं, एक वे जो संगीत और संस्कृति में उनके योगदान की सचमुच सराहना करते हैं, और दूसरे वे जो उन्हें राजनीतिक नजरिए से देखते हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह अपने घोषणापत्र से ज़ुबीन गर्ग के लिए न्याय से जुड़े संदर्भों को हटा दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ज़ुबीन का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्हें चुनावी राजनीति में घसीटना स्वीकार्य नहीं है। ये टिप्पणियां असम विधानसभा चुनावों से पहले तेज हो रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच आई हैं, जिसमें राजनीतिक दल अपने चुनावी प्रचार के मुद्दों को धार दे रहे हैं और वैचारिक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विरोधियों को निशाना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि भाजपा को आगामी चुनावों में मजबूत जनादेश मिलने का पूरा भरोसा है। उन्होंने इसके लिए पार्टी के विकास एजेंडे और जमीनी स्तर के मतदाताओं के साथ उसके जुड़ाव का हवाला दिया।

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