पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर साथ आए, कहा-कभी नहीं टूटेगा यह गठबंधन

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कोलकाता { गहरी खोज }: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इसी बीच बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन का ऐलान कर दिया है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, हमारी पार्टी एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हमारे भाई हुमायूं कबीर के साथ मिलकर लड़ रही है। हम पूरी कोशिश करेंगे कि यह गठबंधन सफल हो।” उन्होंने बताया कि ज्यादातर सीटों पर सहमति बन चुकी है और एक-दो सीटों पर बातचीत जल्द ही पूरी हो जाएगी। यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “2016 में भाजपा के कितने विधायक थे? सिर्फ तीन, है ना? आज उनके पास 77 विधायक हैं। यह मैंने कराया। पहले उनके कितने सांसद थे और अब कितने हैं? यह भी मैंने ही कराया। मैं इतना ताकतवर नहीं हो गया हूं, है ना?”
आईएसएफ (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) को लेकर पूछे गए सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मैं उनके बारे में ज्यादा नहीं बोलना चाहता, क्योंकि इससे उन्हें परेशानी हो सकती है।” हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल पहले टीएमसी ने उनके कई पदाधिकारियों को डराकर या लालच देकर अपने साथ कर लिया था। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी ने जमीनी स्तर पर काम करने की रणनीति अपनाई है और किसी पर निर्भर हुए बिना संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
वहीं, हुमायूं कबीर ने इस गठबंधन को मजबूत बताते हुए कहा, “23 और 29 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं और एकजुट रहने का संकल्प लेता हूं।” उन्होंने कहा कि वे अपने ‘बड़े भाई असदुद्दीन ओवैसी’ के हर फैसले और दिशा के साथ आगे बढ़ेंगे।
हुमायूं कबीर ने कहा, “यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा। मेरे भाई असदुद्दीन ओवैसी ने 2026 में इसकी शुरुआत की है और जब तक मैं जिंदा हूं, मेरी पार्टी एआईएमआईएम के साथ रहेगी। हम इन्हें अपने अभिभावक और बड़े भाई की तरह मानते हैं।” उन्होंने भविष्य में लोकसभा चुनाव भी साथ लड़ने का ऐलान किया।

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