दिल्ली के संगम विहार में एलपीजी की कालाबाजारी का खेल बेनकाब, 183 सिलेंडर बरामद, चार गिरफ्तार

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }:दिल्ली के संगम विहार इलाके में क्राइम ब्रांच (एएनटीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध एलपीजी गैस सिलेंडर स्टोरेज और रिफिलिंग के एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही मौके से 183 गैस सिलेंडर भी बरामद किए।
पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि इलाके में गैस की कृत्रिम कमी का माहौल बनाकर कुछ लोग कालाबाजारी कर रहे हैं जबकि सरकार बार-बार साफ कर रही थी कि गैस की कोई कमी नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें इंस्पेक्टर महीपाल सिंह, एसआई गौरव, अंकित, एएसआई तरुण, सत्यवीर, राकेश और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। यह टीम एसीपी सतेन्द्र मोहन की निगरानी में काम कर रही थी।
काफी दिनों की निगरानी और पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने संगम विहार के एल ब्लॉक में तीन अलग-अलग किराए के गोदामों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान चार आरोपी शेर सिंह (35), सूरज परिहार (36), रघुराज सिंह (53) और जितेंद्र शर्मा (39) मौके पर ही पकड़े गए। ये सभी लोग यहीं के रहने वाले हैं और गैस डिलीवरी का काम करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 183 गैस सिलेंडर बरामद किए, जिनमें से 154 भरे हुए और 29 खाली थे। इसके अलावा गैस भरने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जैसे लोहे के पाइप, आयरन पोकर (कांटा) और इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन भी जब्त की गईं। जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी एक अधिकृत गैस एजेंसी से जुड़े हुए थे और इलाके में गैस सिलेंडर की सप्लाई का जिम्मा संभालते थे लेकिन ये लोग अपनी ड्यूटी का गलत फायदा उठा रहे थे।
ये सभी गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर अपने तय डिलीवरी टारगेट पूरे नहीं करते थे, बल्कि उन्हें अपने किराए के गोदामों में छुपाकर जमा कर लेते थे। इसके बाद ये लोग भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते थे और फिर उन्हें खुले बाजार में ज्यादा कीमत पर बेच देते थे। इनका तरीका भी काफी चालाकी भरा था। सबसे पहले ये लोग भरे हुए सिलेंडर की सील को आयरन पोकर की मदद से हटाते थे। इसके बाद एक खाली सिलेंडर को उल्टा करके भरे हुए सिलेंडर के ऊपर रखा जाता था और दोनों को लोहे के पाइप से जोड़ दिया जाता था।
फिर धीरे-धीरे गैस को ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग हर भरे हुए सिलेंडर से करीब 1 से 2 किलो गैस निकाल लेते थे और उसे कई खाली सिलेंडरों में भरकर पूरा कर लेते थे। इस तरह ये एक ही सिलेंडर से कई छोटे सिलेंडर तैयार कर लेते थे और उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। तीनों ठिकानों से अलग-अलग मात्रा में सिलेंडर और उपकरण बरामद हुए। पहले ठिकाने से 65 सिलेंडर, दूसरे से 66 और तीसरे से 52 सिलेंडर बरामद किए गए। इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों में लोहे के पोकर, लोहे के पाइप और वजन तौलने वाली मशीनें (तराजू) भी बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं और अन्य संबंधित कानूनों के तहत केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।

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