पश्चिम एशिया पर भारत की पैनी नज़र, ऊर्जा आपूर्ति सामान्य, नागरिकों की सुरक्षित वापसी जारी: विदेश मंत्रालय

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़रायल और ईरान में बीच जारी जंग एवं तेजी से बदलती परिस्थितियों पर भारत की पैनी नज़र है और सरकार देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की विविधता बढ़ाने के साथ ही खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित वापसी पर गंभीरता पूर्वक काम कर रही है।
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर मंगलवार को अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक करीब सवा चार लाख भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री ने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री और श्रीलंका के अपने समकक्ष के साथ बातचीत कर क्षेत्रीय स्थिति, उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की है।
जायसवाल ने जानकारी दी कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यहां खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के राजदूतों के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय को दिए जा रहे सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने कहा कि पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों से भारत के लिए उड़ानों का संचालन जारी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लगभग 85 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है, जबकि ओमान और सऊदी अरब से भी नियमित उड़ानें जारी हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जहां से सीमित संख्या में उड़ानें संचालित की जा रही हैं। हालांकि, कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र फिलहाल बंद है।
महाजन ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जा रहा है। ईरान से भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते लाया जा रहा है, जबकि इज़राइल से जॉर्डन के माध्यम से वापसी कराई जा रही है। कुवैत, बहरीन और इराक से यात्रा प्रभावित होने के कारण सऊदी अरब के जरिए भी नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 4.20 लाख से अधिक भारतीय नागरिक सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि देशभर में सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी से बचें।
उन्होंने बताया कि हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को निर्देश दिया है कि जहां पाइपलाइन अवसंरचना उपलब्ध है, वहां पांच दिनों के भीतर आवासीय स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई और आंगनवाड़ी केंद्रों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
एलपीजी आपूर्ति के संबंध में उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कुछ प्रभाव पड़ा है, लेकिन पर्याप्त कार्गो लाइन में हैं और किसी भी वितरक के पास कमी की स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल में कुछ स्थानों पर घबराहट में बुकिंग देखी गई, लेकिन आपूर्ति और डिलीवरी पूरी तरह सामान्य रही। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पीएनजी की आपूर्ति भी निर्बाध जारी है।
पोत, बंदरगाह और जलमार्ग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी प्रकार की समुद्री घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी पोत—‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’—सुरक्षित रूप से होरमुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘पाइन गैस’ लगभग 45 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 27 मार्च को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि ‘जग वसंत’ करीब 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी के साथ 26 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है। इसके साथ ही फारस की खाड़ी में इस समय 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिनमें 540 भारतीय नाविक सवार हैं।
राजेश कुमार सिन्हा ने यह भी बताया कि किसी भी भारतीय बंदरगाह पर भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है और सभी प्रमुख एवं गैर-प्रमुख बंदरगाहों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में जहाजरानी महानिदेशालय के नियंत्रण कक्ष को 146 कॉल और 226 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका समय पर निस्तारण किया गया। इसी अवधि में 26 भारतीय नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित स्वदेश लाया गया है।
सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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