अनिल बेरेरा को स्वतंत्र निदेशक के रूप में पुनः नामित करने का प्रस्ताव कानूनी रूप से वैध : व्हर्लपूल
नयी दिल्ली{ गहरी खोज }: व्हर्लपूल ऑफ इंडिया लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि अनिल बेररा को गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक के रूप में फिर से नामित करने का उसका प्रस्ताव पूरी तरह से कानूनी ढांचे के अनुरूप है। प्रॉक्सी परामर्श कंपनी आईआईएएस और एसईएस द्वारा इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए गए थे जिसके जवाब में व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने एक नियामकीय सूचना में कहा कि अनिल बेररा को गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक के रूप में फिर से नामित करने का उसका फैसला कंपनी अधिनियम 2013 और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार बिल्कुल सही है। आईआईएएस ने कंपनी के शेयरधारकों को इस विशेष प्रस्ताव के खिलाफ वोट देने की सलाह दी थी।
अनिल बेररा तीन नवंबर, 2011 से कंपनी के निदेशक मंडल से जुड़े हुए हैं। वह 31 दिसंबर, 2019 तक कार्यकारी निदेशक रहे। इसके बाद एक जनवरी 2020 से उन्हें गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र निदेशक बना दिया गया और वह उसी भूमिका में काम कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हमेशा जिम्मेदारी से काम किया और निदेशक मंडल की सभी बैठकों में हिस्सा लिया। व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने यह भी कहा कि आईआईएएस की आपत्ति केवल उनके आंतरिक नियमों पर आधारित है, न कि किसी कानूनी या नियामकीय बाधा पर। कंपनी ने कहा कि वह परामर्श कंपनियों की राय का सम्मान करती है, लेकिन उनके नियम कानून से ऊपर नहीं हो सकते। कंपनी के अनुसार, अनिल बेररा स्वतंत्र निदेशक बनने के लिए सभी जरूरी शर्तों को पूरा करते हैं।
