मान सरकार के चार वर्ष

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  • इरविन खन्ना
    संपादकीय { गहरी खोज }:
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने ‘काम की राजनीति’ के रास्ते पर चलते हुए जन साधारण को चुनावों के दौरान दी गई सभी गारंटियां पूरी कर दी हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह राज्य में ‘फूट डालो और राज करो’ वाली नीति पर चल रहा है, जिसे हम सफल नहीं होने देंगे। विपक्षी सत्ता में आने की चिंता में है और हम पंजाब बचाने की फिक्र में हैं।

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब पढ़ाई के मामले में देश में पहले नंबर पर हैं। ‘डिजिटल क्रांति’ के कारण, 9,000 से ज्यादा स्मार्ट क्लासरूम और 5,000 कंप्यूटर लैब खोले गए हैं। इसी वर्ष सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और 845 ने नीट पास की। कान्ट्रैक्ट पर काम करने वाले शिक्षकों को पक्की नौकरी दी गई है। 15,000 से ज्यादा नए शिक्षकों की भर्ती भी की गई है। यही नहीं, सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षकों को विश्व स्तरीय ट्रेनिंग दी जा रही है। चार वर्षों में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले। 1,575 डाक्टरों की रिकार्ड भर्ती की है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को बड़े प्राइवेट अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, नवांशहर, लहरागागा, मालेरकोटला और लुधियाना में 7 नए मेडिकल कालेज बनाने से एमबीबीएस की 600 नई सीटें होंगी। पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय आठ घंटे लगातार बिजली मिल रही है। नहरी सिंचाई क्षेत्र 26 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। किसानों को गन्ने के लिए प्रति क्विंटल 416 रुपये मिल रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक कीमत है। राज्य के नब्बे प्रतिशत परिवारों को अब बिजली का बिल जीरो आता है। यही नहीं, बिजली की दरों में कमी करके भी लोगों को राहत दी गई है। ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत 68,389 एफआइआर दर्ज कर 92,264 को गिरफ्तार किया गया। बड़ी मात्रा में हेरोइन जब्त की गई है और 760 करोड़ की संपत्तियां जब्त की गई हैं। 1.5 लाख से अधिक सदस्यों वाली विलेज डिफेंस कमेटियां नशे के खिलाफ सरकार की आंखें और कान के रूप में काम कर रही हैं। ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डालने की योजना शुरू की गई है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा। पुलिस फोर्स को मजबूत करने के लिए कुल 12,197 कर्मचारियों की भर्ती की गई है। राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत एमएसएमई को अब नई फैक्टरियां स्थापित करने के लिए अनुमतियाँ स्व-घोषणा के आधार पर 5 से 18 दिनों के अंदर दी जा रही हैं।

फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से 50 से अधिक नियामक अनुमतियां और 200 सेवा अनुरोध 45 दिनों में मंजूर किए जा रहे हैं। पंजाब पहला राज्य बन गया है जहां संपत्ति की रजिस्ट्रेशन 48 घंटे में पूरी तरह डिजिटल होती है। ‘सरकार आपके द्वार’ पहल के तहत 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से अब लोगों को उनके घर पर कुल 406 सरकारी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन से संबंधित 56 सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। ‘रोजगार क्रांति’ के तहत 65,000 से ज्यादा सरकारी नौकरियां मेरिट के आधार पर और बिना किसी सिफारिश व रिश्वत के दी गई हैं। राज्य ने चार वर्षों में 1.55 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित किया है। इससे लगभग 5.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए। ‘गैंगस्टरां ते वार’ और ‘आपरेशन प्रहार’ के तहत 14,722 गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 711 फरार अपराधी भी शामिल हैं। 76 आतंकी माड्यूल का पर्दाफाश कर 486 को हथियारों सहित पकड़ा। पंजाब में भारत की पहली सड़क सुरक्षा फोर्स स्थापित की गई है, जिसके कारण दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 50.12 प्रतिशत की कमी आई है। बलिदानी सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। गांवों में 1,100 करोड़ रुपये के निवेश से 3,000 आधुनिक खेल मैदान बनाए जा रहे हैं। 6,000 और खेल मैदानों पर काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। गांवों में 6,000 इंडोर जिम बनाए जा रहे हैं। 40,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण लिंक सड़कों का नवीनीकरण पांच साल के रखरखाव की गारंटी के साथ किया जा रहा है। राज्य की मंडियों को अपग्रेड किया गया है।

तथ्यों के साथ अपनी बात को जिस तरह मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रखा है, उससे स्पष्ट है कि मान सरकार ने पिछले चार वर्षों में करीब-करीब उन सभी वायदों पर काम किया है, जो आम आदमी पार्टी ने 22 के विधानसभा चुनावों के समय पंजाबियों से किये थे। इसके बावजूद भी पंजाब सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है, तो उसका मुख्य कारण है कि पंजाब में अभी भी बहुत कुछ होने वाला है। पंजाब सरकार ने पिछले लम्बे समय से ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ शुरू किया हुआ है। गैंगस्टरों विरुद्ध कार्रवाई भी हुई लेकिन इसके बावजूद नशे और उसकी तस्करी पर नियंत्रण और गैंगस्टरों पर पूरी तरह से नकेल नहीं डल सकी तो इसके दो कारण हैं, एक तो पड़ोसी देश पाकिस्तान लगातार नशा तस्करों को समर्थन दे रहा है, दूसरा समाज भी गैंगस्टरों के मामले में उदासीन है। नशों और गैंगस्टरों पर तभी नकेल डाली जा सकेगी जब सरकार और समाज मिलकर इनके विरुद्ध अभियान चलायेंगे। सरकार को समाज की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है।

पंजाब सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य किया है, वह सराहनीय है, धरातल पर वह सब कुछ दिखे यह बात भी सुनिश्चित कराने की आवश्यकता है। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए उन पर एक-एक नोडल अधिकारी लगाने की आवश्यकता है, तभी सरकार को वांछित परिणाम मिलेंगे। पंजाब में औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने का जो प्रयास सरकार ने पिछले दिनों किया है, वह स्वागतयोग्य है। क्योंकि पंजाब का विकास अब कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास पर भी आधारित है। नये निवेश के साथ नये रोजगार पैदा होंगे और पंजाब आर्थिक रूप से भी मजबूत होगा। पंजाब को आर्थिक संकट से निकालने का वर्तमान में एक ही रास्ता है और वह प्रदेश में औद्योगिक क्रांति लाना। प्रदेश में औद्योगिक क्रांति का माहौल बने इसके लिए मान सरकार को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की नीति बनानी होगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले चार वर्षों की अपनी सरकार की उपलब्धियां बताई हैं, उनका अपना महत्व है लेकिन अभी भी शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में बहुत कुछ होने वाला है। इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर काम सरकार करेगी तो आने वाले समय में पंजाब में धरातल स्तर पर एक सकारात्मक बदलाव जिसका सपना पंजाबवासी देख रहे हैं, उसके पूरा होने की संभावना बढ़ जाएगी और सरकार के प्रति आम आदमी का विश्वास और मजबूत होगा।

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