दिल्ली पुलिस ने नंदू गैंग से जुड़े शार्प शूटर को किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने आरोपी सुमित पुनिया को गिरफ्तार किया, जो कुख्यात गैंगस्टर कपिल संगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सुमित के पास से एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए हैं।
सुमित पुनिया (25) हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले का निवासी है। शुरुआती जांच में पता चला कि सुमित नंदू गैंग से जुड़ा हुआ था और दोनों बचपन से ही एक-दूसरे को जानते थे। वर्ष 2020–2021 के दौरान वह कपिल सांगवान उर्फ ​​नंदू के गिरोह में शामिल हो गया और उस गिरोह का एक सक्रिय शूटर बन गया।
उसने बताया कि नवंबर 2025 में उसे हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के निज़ामपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज अवैध हथियारों के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में रहा। वह पहले भी दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज तीन अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। आरोपी सुमित की निशानदेही पर हथियार सप्लायर बदर सैफी को भी बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया गया।
उसके पास से भी एक देसी पिस्तौल बरामद की गई। यह आरोपी इस गैंग को अवैध हथियारों की सप्लाई करने में शामिल था। इन हथियारों का इस्तेमाल गैंग के सदस्य उन पीड़ितों को धमकाने के लिए कर रहे थे, जिन्होंने नंदू गैंग को रंगदारी देने से मना कर दिया था। इस गिरफ्तारी के पीछे क्राइम ब्रांच की टीम ने महीनेभर लगातार मेहनत की। हेडकांस्टेबल पवन कुमार ने गुप्त सूचना हासिल की, जिसे एसआई रविभूषण ने तकनीकी जांच से पुख्ता किया। इसके बाद इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एसआई रवि भूषण, एसआई कुलदीप, एचसी सोनू, एचसी पवन कुमार और कांस्टेबल मुकेश की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आरोपी को द्वारका से गिरफ्तार किया। सुमित की गिरफ्तारी के साथ ही बदर इस्लाम की गिरफ्तारी ने गैंग से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों को भी उजागर किया।
क्राइम ब्रांच ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा सुमित पर पहले से गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। बदर इस्लाम पर भी यूपी के अमरोहा जिले में कई मामलों में एफआईआर दर्ज है। सुमित ने अपनी शिक्षा दसवीं कक्षा तक ही पूरी की और पढ़ाई में रुचि नहीं होने के कारण स्कूल छोड़ दिया। वहीं, बदर इस्लाम भी दसवीं तक पढ़ा है और पैसे की लालच में अवैध कामों में शामिल हो गया। दोनों आरोपी गैंग की गतिविधियों में लंबे समय से शामिल थे और उनके पकड़ में आने से गैंग की हथियार सप्लाई और अपराध नेटवर्क कमजोर होगा।

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