बंगाल में अधिकारियों के तबादले पर दलों के लिए चुनाव अधिकारी नहीं जीतते : उमर अब्दुल्ला

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श्रीनगर{ गहरी खोज }: पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ओर से अधिकारियों के तबादले पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि इस तरह के व्यापक तबादले केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों में और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में ही होते हैं, लेकिन इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर वही साबित करेगा जो मैं हमेशा से मानता आया हूं। राजनीतिक दलों के लिए चुनाव अधिकारी नहीं जीतते बल्कि उनके नेता जीतते हैं। चुनाव आयोग द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों में हेरफेर करने के किसी भी प्रयास से परिणाम नहीं बदलेंगे। मतगणना के दिन ममता दीदी भारी बहुमत से जीतेंगी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने बंगाल को निशाना बनाया है, वह न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों सहित 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को मनमाने ढंग से उनके पदों से हटा दिया गया है।
यह प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि उच्चतम स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप है। बता दें कि 16 मार्च को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले पर चिंता जताई थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि विधानसभा चुनावों की घोषणा के तुरंत बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादले बिना किसी ठोस कारण के और बिना किसी आरोप के किए गए हैं। चुनाव आयोग ने चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जेपी मीना का तबादला कर दिया गया। इसके अलावा, पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त भी शामिल हैं, को उनके पदों से हटा दिया गया था।

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