घरेलू एलपीजी उत्पादन स्थिर है और पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध : केन्द्र सरकार

0
8b31e2e601064c936963f10ce96071b5

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केन्द्र सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया के हालात के बीच देश की सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। घरेलू एलपीजी उत्पादन स्थिर है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लगभग 7500 उपभोक्ताओं ने एलपीजी से पीएनजी (पेट्रोलियम प्लैज) पर स्विच कर लिया है। युद्ध के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है लेकिन घेरलू गैस वितरकों के पास किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है।
राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में आयोजित दैनिक पत्रकार वार्ता में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पर्याप्त कच्चे तेल और एलपीजी स्टॉक के साथ रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं। लगभग 93 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हैं और डिलीवरी प्रमाणित हो चुकी है। उपभोक्ताओं को पीएनजी की ओर रुख करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त हुआ है। पिछले सप्ताह अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को 11,300 टन की आपूर्ति की गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए नियंत्रण कक्षों, जिला समितियों के साथ-साथ तेल विपणन कंपनियां निरीक्षण के माध्यम से निगरानी तेज कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराकर बुकिंग न करें, आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और घर पर डिलीवरी का इंतजार करें। सरकार आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के संबंध में संयुक्त सचिव ने कहा कि सामान्य पेट्रोल की कीमत में कोई वृद्धि नहीं हुई है। केवल प्रीमियम श्रेणी के पेट्रोल की कीमत में थोड़ी वृद्धि हुई है और वह भी प्रतिदिन बिकने वाले कुल पेट्रोल का मुश्किल से 2-4 प्रतिशत है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बीच ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से बात की और पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए संवाद, तनाव कम करने और शांति पर जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की कड़ी निंदा की, जबकि सभी पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन और निरंतर समन्वय के लिए समर्थन की पुष्टि की।
उन्होंने इन नेताओं को त्योहारी शुभकामनाएं भी दीं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए मिले समर्थन की सराहना की। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी इसी तरह की चर्चा हुई, जिसमें स्थिरता, माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन और निरंतर समन्वय के लिए साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
प्रवक्ता ने बताया कि भारत ने आर्मेनिया-अजरबैजान मार्ग से 284 तीर्थयात्रियों सहित 913 नागरिकों को निकाला है, जबकि विदेश मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष ने 10 कॉल और 6 ईमेल संभाले हैं। हमारा प्रयास सुरक्षा और स्थिति की गहन निगरानी पर केंद्रित हैं।
बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में फारस की खाड़ी में कार्यरत सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित हैं और कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। हमारे सभी 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। जहाजरानी महानिदेशालय स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। इसी दौरान, 24×7 नियंत्रण कक्ष ने लगभग 125 कॉल संभाले और 200 से अधिक ईमेल का जवाब दिया। इसके अतिरिक्त, 25 भारतीय नाविकों को ड्यूटी खत्म करने के बाद सफलतापूर्वक स्वदेश वापस भेज दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *