देश के ऊर्जा क्षेत्र में योगदान दें वैश्विक निवेशक : पीएम मोदी

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  • वैश्विक निवेशकों को बिजली क्षेत्र में निवेश के लिए किया आमंत्रित

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक निवेशकों को बिजली क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने उनसे भारत में ‘‘निर्माण, निवेश, नवाचार एवं विस्तार’’ करने का भी आग्रह किया। यशोभूमि में आयोजित ‘भारत बिजली शिखर सम्मेलन’ 2026 में केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लिखित संदेश पढ़ा, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं वैश्विक समुदाय को भारत में निर्माण करने, भारत में नवाचार करने, भारत में निवेश करने और भारत के साथ विस्तार करने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे विश्वास है कि यह शिखर सम्मेलन सार्थक संवाद एवं स्थायी साझेदारियों को बढ़ावा देगा, जो भारत की वृद्धि को ऊर्जा प्रदान करेंगी। ’’
उन्होंने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य पूरे बिजली व ऊर्जा तंत्र को एक मंच पर लाना है, ताकि विचारों का आदान-प्रदान हो, सहयोग को बढ़ावा मिले और विकास व जीवन स्तर सुधार के लिए साझा मार्ग तैयार किया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह विकास को ऊर्जा प्रदान करने एवं स्थिरता लाने, वैश्विक स्तर पर जुड़ने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के हमारे साझा संकल्प को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और हम अवसंरचना को मजबूत कर रहे हैं तथा सभी के लिए विश्वसनीय ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की प्रगति इस प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मोदी ने कहा कि 50 फीसदी से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता पहले ही हासिल की जा चुकी है और 2030 तक 500 गीगावाट का स्पष्ट लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ जैसी पहल वैश्विक सहयोग के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण, बैटरी विनिर्माण को आगे बढ़ाने, हरित रोजगार सृजन और साहसिक सुधारों के माध्यम से निवेश को सक्षम बनाने में एक विश्वसनीय ऊर्जा भागीदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘शांति अधिनियम 2025’ परमाणु ऊर्जा में नए अवसर खोलता है, जबकि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना विकेंद्रीकृत उत्पादन एवं टिकाऊ खपत को बढ़ावा दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वितरण सुधार एवं दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जिससे वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद मिली है। इससे अधिक कुशल व टिकाऊ क्षेत्र का संकेत मिलता है, जिसमें मूल्य श्रृंखला के विभिन्न स्तरों पर व्यापक अवसर हैं और भारत बड़े पैमाने पर निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह शिखर सम्मेलन भारत के विकास को गति प्रदान करने हेतु सार्थक संवाद और दीर्घकालिक साझेदारियों को उत्प्रेरित करेगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आज चार दिवसीय ‘भारत बिजली शिखर सम्मेलन’ 2026 की शुरुआत हुई है, जो 22 मार्च तक चलेगी।

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