केंद्र ने बाराबंकी-बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाई-वे को मंजूरी दी

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर कुल 6969.04 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) के तहत विकसित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि करीब 101.515 किलोमीटर लंबा यह हाई-वे बाराबंकी और बहराइच जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। इस परियोजना से मौजूदा सड़क की ज्यामितीय कमियों, तीखे मोड़ों और शहरी क्षेत्रों में होने वाली भारी भीड़भाड़ की समस्या को दूर किया जाएगा। नया हाई-वे प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों को बाईपास करेगा, जिससे यात्रा का समय घटकर लगभग एक घंटा रह जाएगा।
यह हाई-वे लखनऊ से रूपईडीहा कॉरिडोर का हिस्सा होगा और भारत-नेपाल सीमा तक सुगम संपर्क प्रदान करेगा। इससे रूपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच आसान होगी और दोनों देशों के बीच व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के तहत 48.28 किलोमीटर लंबाई के बाईपास बनाए जाएंगे। यह मार्ग एनएच-27, एनएच-330बी और एनएच-730 सहित कई राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ राज्य राजमार्गों से भी जुड़ेगा। इसके अलावा, लखनऊ और श्रावस्ती एयरपोर्ट, कई रेलवे स्टेशनों और प्रमुख लॉजिस्टिक एवं आर्थिक केंद्रों को भी इससे जोड़ने की योजना है।
सरकार ने कहा है कि इस परियोजना से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, खासकर कृषि व्यापार, पर्यटन और निवेश के क्षेत्रों में तेजी आएगी। साथ ही यह परियोजना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। परियोजना के पूरा होने के बाद बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरदराज के जिलों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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