पब्लिसिटी के लिए रची फर्जी फायरिंग, दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोचा
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: आउटर दिल्ली के पश्चिम विहार ईस्ट में हुई फायरिंग के मामले में चौंकाने वाला खुलासा है। पश्चिम विहार ईस्ट और स्पेशल स्टाफ की टीम ने जांच के दौरान पाया कि यह पूरा मामला ही झूठा है। पुलिस ने मामले में शिकायतकर्ता समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि यह गिरोह फायरिंग की झूठी कहानी रचकर फाइनेंसरों के पैसे हड़पने की कोशिश में था, लेकिन पश्चिम विहार ईस्ट और स्पेशल स्टाफ की टीम ने इस मामले में खुलासा करते हुए गिरोह के तीनों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर बताया कि पश्चिम विहार ईस्ट में फायरिंग का झूठा मामला रचा गया था। आरोपियों ने पब्लिसिटी और रसूख पाने के लिए खुद को विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों का शिकार दिखाने की कोशिश की थी। पुलिस ने मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उनकी पहचान तपन दास उर्फ विश्वास, सन्नी उर्फ बोंग और कमलेश उर्फ गंजा के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, कमलेश ने ही साजिश के तहत फायरिंग की थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के हाथ कई सबूत भी लगे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, 2 जिंदा कारतूस और 2 खाली कारतूस बरामद किए हैं।
इसके अलावा अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी और अपराध करते समय पहने गए कपड़े भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने यह सारा खेल फाइनेंसरों को ठगने के लिए रचा था। उनके झूठे दावों की वजह से कई लोग डर के मारे परेशान हो गए थे, लेकिन पुलिस ने तकनीक और छानबीन के जरिए सच्चाई का पता लगा लिया। आरोपियों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है और जांच अभी भी जारी है।
