सूरत और वडोदरा में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी, होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों की बढ़ी चिंता
सूरत{ गहरी खोज }: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते दुनिया में ईंधन और गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे भारत भी अछूता नहीं रहा है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडरों की किल्लत देखी जा रही है। सूरत और वडोदरा में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी देखी जा रही हैं।
सूरत में लगभग 67 कमर्शियल गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं, लेकिन गैस की कमी के कारण व्यापारियों और उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के संचालकों के मुताबिक, सूरत में कमर्शियल सिलेंडर पाने के लिए 10 से 15 दिन का वेटिंग चल रहा है।
वडोदरा में भी परेशानी हो रही है। डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अनुसार शहर में रोजाना करीब 14 हजार सिलेंडर की जरूरत होती है, जबकि वर्तमान में 20 हजार से अधिक की मांग आ रही है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण गैस की कमी पैदा हो गई है। वडोदरा शहर में कुल 36 गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। होटल संचालक जगदीश पुरोहित ने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और यदि मिल भी रहा है तो कीमतें बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो कई रेस्टोरेंट को बंद करना पड़ सकता है।
गुजरात होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्रभाई सोमाणी के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद हो गई है। गुजरात में करीब 70 से 80 प्रतिशत होटल गैस लाइन से चलते हैं, लेकिन 20 से 30 प्रतिशत छोटे रेस्टोरेंट और लारी-गल्ला गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं। सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से छोटे रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबार सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में छोटे रेस्टोरेंट और लारी-गल्ला व्यवसाय बड़े पैमाने पर बंद होने लगेंगे, जिससे हजारों लोगों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।
