भारत की आईपी मंजूरी प्रणाली को दुनिया की टॉप-5 में लाने का लक्ष्य: पीयूष गोयल
नई दिल्ली{ गहरी खोज } : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) मंजूरी प्रणाली को गति, पारदर्शिता और दक्षता के मामले में दुनिया की टॉप-5 प्रणालियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इससे देश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और नए विचारों को तेजी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली में आयोजित नेशनल आईपी अवॉर्ड्स और आईपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि ट्रेडमार्क, पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन और भौगोलिक संकेतक (GI) से जुड़े आवेदनों का तेजी से निपटारा भारत में मजबूत नवाचार संस्कृति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
पीयूष गोयल ने कहा कि वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, उद्यमियों और अनुसंधान संस्थानों का योगदान भारत की नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुरस्कार देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रेरित करते हैं और नई पीढ़ी को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बजट में स्कूलों में 50,000 नए इनोवेशन लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है। इन लैब का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, प्रयोग और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने पेशेवरों और उद्योग जगत से भी अपील की कि वे अपने स्कूल-कॉलेजों से जुड़कर छात्रों को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करें। मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में पेटेंट फाइलिंग में 215 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) में भारत की रैंकिंग 81 से सुधरकर 38 पर पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 12 वर्षों में महिलाओं द्वारा दाखिल किए गए पेटेंट में 345 गुना वृद्धि हुई है, जो देश के नवाचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव दर्शाता है।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार आईपी मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए नए कर्मियों की भर्ती कर रही है और संस्थागत क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी होनी चाहिए ताकि नवाचार करने वाले लोगों को आसानी से सहायता मिल सके मंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने 38 देशों के साथ 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जिससे भारतीय उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक बाजार में बड़ा अवसर मिला है। उन्होंने नवाचारकों और उद्यमियों से इन अवसरों का लाभ उठाकर नए उत्पाद और निर्यात बाजार विकसित करने का आह्वान किया। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में नवाचार की नई क्रांति शुरू हो चुकी है और आगे का रास्ता “इनोवेट, पेटेंट, प्रोड्यूस और प्रॉस्पर” के मंत्र पर आधारित होगा।
