बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो महिलाओं की सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता : मिथुन चक्रवर्ती

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कोलकाता{ गहरी खोज }: दादा साहेब फाल्के और पद्म भूषण से सम्मानित अभिनेता तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मिथुन चक्रवर्ती ने शनिवार को राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में आज सबसे बड़ी समस्या लोगों की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
परिवर्तन यात्रा के संदर्भ में कोलकाता के साल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि आज ऐसी स्थिति बन गई है कि स्वयं राज्य की मुखिया महिलाओं को रात के बाद बाहर न निकलने की सलाह दे रही हैं, जो एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब कोलकाता में लोग देर रात तक बिना भय के आवाजाही करते थे, लेकिन अब वह माहौल नहीं रहा।
उन्होंने राज्य में बढ़ती हिंसा और अस्थिरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हत्या, बमबाजी और राजनीतिक हिंसा लगभग रोजमर्रा की घटनाएं बन गई हैं। जो राज्य कभी अपनी शांति और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता था, वह आज चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है।
सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का बड़ा हिस्सा अब भी असुरक्षित और बिना बाड़ के है। उनके अनुसार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई बार आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस विषय में पर्याप्त पहल नहीं की गई। इसके कारण सीमा के माध्यम से अवैध घुसपैठ की संभावना बढ़ रही है, जिसका असर राज्य के सामाजिक और राजनीतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।
मिथुन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनावों को लेकर भय और आतंक का वातावरण बनाया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में बम विस्फोट, झड़पों और विपक्षी राजनीतिक कार्यक्रमों पर हमलों की घटनाएं इन चिंताओं को और बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शांतिपूर्ण ढंग से अपने राजनीतिक कार्यक्रम चलाना चाहती है, लेकिन उसे बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बकाये का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। एक ओर विभिन्न क्षेत्रों में भारी खर्च किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर कर्मचारियों के वैध अधिकारों के भुगतान में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएंगे और सातवें वेतन आयोग को लागू करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केवल भत्ता आधारित व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके बजाय रोजगार के अवसर पैदा करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर वास्तविक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब संगठनात्मक रूप से पहले की तुलना में अधिक एकजुट और मजबूत स्थिति में है तथा परिवर्तन यात्रा के माध्यम से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बदलाव की इच्छा स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चुनाव में जनता के समर्थन से राज्य में एक वैकल्पिक सरकार बनेगी।

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