कर्नाटक में 4.48 लाख करोड़ का बजट पेश, नाबालिगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर भी रोक की घोषणा

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बेंगलुरु{ गहरी खोज }: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इस बार बजट का कुल आकार 4.48 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये अधिक है। मुख्यमंत्री ने करीब 3 घंटे 5 मिनट तक बजट भाषण दिया और अपना रिकॉर्ड 17वां बजट प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राज्य सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, मजदूरों और समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के साथ राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। राज्य में 800 कर्नाटक पब्लिक स्कूल शुरू किए जाएंगे और कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव फिर से कराए जाएंगे। विश्वविद्यालयों में छात्रों के खिलाफ जाति आधारित अत्याचारों को रोकने के लिए ‘रोहित वेमुला कानून’ लागू करने की घोषणा की गई है, जिसका नाम छात्र रोहित वेमुला के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा कुवेम्पु विश्वविद्यालय में साहित्यकार यू. आर. अनंतमूर्ति के नाम पर अध्ययन पीठ स्थापित की जाएगी।
कर्नाटक सरकार ने ‘अन्नभाग्य’ योजना के तहत 5 किलो चावल के साथ ‘इंदिरा किट’ देने की घोषणा की है। इस किट में तूर दाल, मूंग दाल, खाना पकाने का तेल, चीनी और नमक शामिल होंगे। साथ ही प्रसूता महिलाओं को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए नई योजना शुरू की जाएगी।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी जिलों में ‘अक्का पडे’ नामक विशेष दल गठित किया जाएगा। इसके अलावा 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
राज्य की राजधानी बेंगलुरू के विकास के लिए 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शहर में 40 किलोमीटर लंबी सुरंग सड़क बनाने की योजना बनाई गई है, जिससे ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही बेंगलुरु में दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की योजना भी पेश की गई है, जिससे कि केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर बढ़ती भीड़ को कम किया जा सके।
राज्य सरकार ने आउटर रिंग रोड के सिल्क बोर्ड जंक्शन से केआर पुरम मेट्रो स्टेशन तक के हिस्से को 450 करोड़ रुपये की लागत से वैश्विक स्तर के कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की है।
किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 38 लाख किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कृषि विस्तार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कृषि लागत कम करने के लिए हाईटेक हार्वेस्टर हब और कोलार में किसान मॉल स्थापित किया जाएगा।
कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से 1,124 किलोमीटर लंबे ‘कल्याण पथ’ का निर्माण किया जाएगा। राज्यभर में 1,250 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे और 4.90 लाख घरों के निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में करवार में 198 करोड़ रुपये की लागत से 450 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। वहीं रायचूर में ट्रॉमा केयर सेंटर और मैसूर और तुमकुरु में पेरिफेरल कैंसर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हज यात्रियों की सुविधा के लिए हुबली और कलबुर्गी में हज भवन बनाए जाएंगे। साथ ही व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।
राज्य सरकार नौ रेलवे परियोजनाओं को रेल मंत्रालय के साथ 50:50 लागत साझेदारी के आधार पर लागू कर रही है। अब तक भूमि अधिग्रहण पर 2,950 करोड़ रुपये और निर्माण कार्यों पर 2,682 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वर्ष 2026–27 के बजट में इन परियोजनाओं के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा विजयपुरा हवाई अड्डे पर फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल और शिवमोगा हवाई अड्डे पर पीपीपी मॉडल के तहत विमान निर्माण और असेंबली गतिविधियां शुरू करने की योजना भी घोषित की गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि यह बजट “सभी के सशक्तिकरण, अवसरों के विस्तार और नए कर्नाटक के निर्माण” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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