न्यूजीलैंड सीरीज के बाद संजू को दबाव दूर करने के लिए ब्रेक की जरूरत थी: गंभीर
कोलकाता{ गहरी खोज }: भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन निर्विवाद रूप से प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला में उनके खराब प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन को टी20 विश्व कप से पहले उन पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए उन्हें आराम देना पड़ा। सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जैसे मैच में दबाव में नाबाद 97 रन की पारी खेली जिससे भारत ने यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।
गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीटीआई के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘निश्चित रूप से न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसलिए उन्हें विश्राम देना जरूरी हो गया था क्योंकि आप उन्हें उस दबाव वाली स्थिति से बाहर निकालना चाहते थे।’’
एशिया कप में बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजे जाने से सैमसन की लय बिगड़ गई थी। इसके बाद सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी श्रृंखला खेलने का मौका मिला, लेकिन पांच पारियों में उनका स्कोर 10, 6, 0, 24, 6 रहा जिसके बाद आलोचकों ने उनके करियर के अंत की भविष्यवाणी कर दी थी।
टी20 विश्व कप में भारत के पहले मैच में अमेरिका के खिलाफ सैमसन को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली, लेकिन अभिषेक शर्मा की खराब सेहत के कारण उन्हें नामीबिया के खिलाफ मैच में टीम में जगह दी गई, हालांकि बाद में उन्हें फिर से टीम से बाहर कर दिया गया।
रिंकू सिंह के साथ हुई एक दुखद घटना (उनके पिता का निधन) और शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बहुत अधिक बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम प्रबंधन ने सैमसन को सलामी बल्लेबाज के रूप में टीम में रखने का फैसला किया।
कोच से पूछा गया कि उन्होंने सैमसन के साथ किस तरह की बातचीत की ताकि वह सही मानसिक स्थिति में रहे, इस पर गंभीर ने कहा, ‘‘मैं सभी से बात करता हूं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टीम में शामिल सभी खिलाड़ी विश्वस्तरीय हैं और इसीलिए वे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम जानते थे कि संजू कितना प्रतिभाशाली है। बहुत कम बल्लेबाजों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक लगाए हैं। इसलिए हम जानते थे कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता था कि जब भी हमें विश्व कप में उनकी जरूरत पड़ेगी तो वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ गंभीर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी मैच विजेता पारी की नींव जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछले मैच में रिंकू की जगह लेने के बाद खेली गई उनकी 15 गेंदों में 24 रन की तेज पारी के दौरान पड़ी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती तीन ओवरों में हमें मनचाही शुरुआत मिली। आज भी जिम्बाब्वे के खिलाफ जहां से उन्होंने छोड़ा था, वहीं से अपनी पारी आगे बढ़ाई। हम संजू से यही उम्मीद करते हैं कि वह लगातार ऐसा ही प्रदर्शन करें।’’ सैमसन की पारी की सबसे बड़ी खासियत उनका स्ट्राइक रेट था। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 200 (194) था, फिर भी ऐसा कभी नहीं लगा कि वे ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे हों। गंभीर भी इस बात से सहमत थे। भारतीय कोच ने कहा, ‘‘वह आक्रामक अंदाज में नहीं खेले। उन्होंने सामान्य शॉट लगाए। मैंने उन्हें गेंद को जोर से मारते हुए भी नहीं देखा। यही उनकी प्रतिभा है।’’ गंभीर ने कहा, ‘‘जब आपको पता होता है कि खेल पर आपका पूरा नियंत्रण है और आप अच्छा महसूस कर रहे हैं तो आप नेट पर गेंद को बहुत अच्छे से हिट करना शुरू कर देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह विश्वस्तरीय खिलाड़ी है। वह शानदार प्रतिभा का धनी है। उम्मीद है कि हम संजू से इस तरह की और भी कई पारियां देखेंगे। आज का दिन शायद उनके लिए अपनी असली क्षमता दिखाने का दिन था।’’
