सीबीआई को मिली कामयाबी, भगोड़े अनिल कुमार रेड्डी का यूएई से प्रत्यर्पण
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की मदद से वांटेड अपराधी के अनिल कुमार रेड्डी को यूएई से गिरफ्तार करके भारत लाया गया है। वह कई मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक धमकी के आरोपों में वांछित था। सीबीआई ने इसकी जानकारी दी।
सीबीआई ने इंटरपोल चैनलों के जरिए यूएई से वांछित भगोड़े अनिल कुमार रेड्डी येद्दुला की भारत वापसी का समन्वय किया। भगोड़े अनिल के खिलाफ सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (आईपीयूसी) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और एनसीबी-अबू धाबी के सहयोग से रेड नोटिस जारी कराया था। सीबीआई ने आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुरोध पर 5 सितंबर 2022 को इस मामले में इंटरपोल के माध्यम से यह रेड नोटिस जारी कराया था।
इसके बाद यूएई के अधिकारियों ने भगोड़े अनिल को गिरफ्तार कर लिया और फिर उसे भारतीय एजेंसी को सौंपने का फैसला लिया गया। गुरुवार को अनिल कुमार रेड्डी को दुबई पुलिस की एक टीम एस्कॉर्ट करके दुबई से हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ले आई। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद एयरपोर्ट पर उसे आंध्र प्रदेश की पुलिस टीम को सौंप दिया गया। पिछले महीने भारत में सीबीआई ने एनसीबी-कुआलालंपुर के साथ मिलकर एक अहम अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
इंटरपोल के कोऑपरेशन सिस्टम के तहत तीन रेड नोटिसधारी व्यक्तियों श्रीधरन सुब्रमण्यम, प्रतीफकुमार सेल्वराज और नवींद्रन राज कुमारसन को भारत से मलेशिया डिपोर्ट किया गया। मलेशियाई अधिकारियों के मुताबिक, ये तीनों व्यक्ति संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गंभीर मामलों में वांछित थे। आरोप है कि इन अपराधों का उद्देश्य अवैध रूप से आर्थिक लाभ, शक्ति या प्रभाव हासिल करना था। एनसीबी–कुआलालंपुर ने बताया कि जब ये लोग यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंचे, तो मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रेड नोटिस के आधार पर उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद, मलेशियाई अधिकारियों ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इन व्यक्तियों को मलेशिया भेजने में सहयोग के उद्देश्य से एनसीबी-नई दिल्ली से औपचारिक अनुरोध किया। इस अनुरोध के तहत रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी को मुंबई पहुंची। एनसीबी–नई दिल्ली और अन्य संबंधित भारतीय एजेंसियों के समन्वय और सहयोग से पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया गया और तीनों वांछित व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से मलेशिया भेज दिया गया।
