गर्मी से पहले सतर्क हुआ निगम, 40 वार्डों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने अभियान तेज

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धमतरी{ गहरी खोज }: आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए नगर निगम धमतरी ने शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। बढ़ती गर्मी के साथ संभावित जल संकट से निपटने के लिए निगम का जल विभाग अलर्ट मोड में है। शहर के विभिन्न वार्डों में स्थित मोटर पंपों के आसपास साफ-सफाई, क्लोरीनेशन और मेंटेनेंस का कार्य तेज गति से किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
गुरुवार को निगम की टीम ने रामसागरपारा वार्ड का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। यहां मोटर पंप में क्लोरीनेशन का कार्य कराया गया और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर, पार्षद राकेश चंदवानी, कुलेश सोनी और कोमल सर्वा उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्मी में जलस्तर कम होने और पानी की रफ्तार धीमी पड़ने से कई स्थानों पर पेयजल की समस्या खड़ी हो जाती है, इसलिए इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी की जा रही है। मालूम हो कि नगर निगम के 40 वार्डों में विभिन्न संसाधनों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है।
शहर में संचालित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, नौ से अधिक ओवरहेड टैंक और अनेक मोटर पंपों के जरिए सुबह और शाम नागरिकों के घरों तक पानी पहुंचाया जाता है। इसके अलावा सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के तहत भी विभिन्न तकनीकी साधनों से पानी उपलब्ध कराया जाता है। निगम का दावा है कि इस पूरी प्रणाली की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि कहीं भी लापरवाही की गुंजाइश न रहे। निगम प्रशासन का कहना है कि स्वच्छ और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वार्ड स्तर पर कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है और किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे पानी का दुरुपयोग न करें और किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल निगम को सूचना दें।
जल विभाग प्रभारी अखिलेश सोनकर ने बताया कि गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है। कई क्षेत्रों में पानी की गति धीमी हो जाती है, जिससे नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी स्थिति से निपटने के लिए सभी मोटर पंपों और टंकियों की सफाई के साथ-साथ क्लोरीनेशन अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है। साथ ही टैंकरों की मरम्मत और रखरखाव भी किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जल आपूर्ति की जा सके।

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