नगर निगम धमतरी में बेलिंग मशीन खरीद पर बवाल, कांग्रेस पार्षदों का धरना
धमतरी{ गहरी खोज }: नगर निगम धमतरी में बेलिंग मशीन खरीद को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षदों ने मशीन खरीद में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए गुरुवार को निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि निविदा में तय तकनीकी मापदंडों को दरकिनार कर निम्न स्तर की मशीन खरीदी गई, जिससे जनता के टैक्स के पैसों का दुरुपयोग हुआ है।
पार्षद दल के अनुसार बेलिंग मशीन की खरीद के लिए जारी निविदा में स्पष्ट रूप से डबल सिलिंडर और 10 एचपी मोटर वाली मशीन अनिवार्य की गई थी। लेकिन निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सप्लाई की गई मशीन सिंगल सिलेंडर और 7.5 एचपी मोटर की है। इसे निविदा शर्तों का सीधा उल्लंघन बताया जा रहा है। पार्षदों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों, सत्तासीन जनप्रतिनिधियों और ठेकेदार की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर खरीदी की गई। इसे कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए उन्होंने जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं इस संबंध में 11 फरवरी 2926 को निगम आयुक्त को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर सवाल उठाते हुए पार्षदों ने कहा कि प्रशासन की चुप्पी कई शंकाओं को जन्म देती है। उन्होंने पूछा कि जब निविदा में स्पष्ट मापदंड तय थे, तो उनके विपरीत मशीन की खरीदी किसके आदेश से की गई। दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
धरना प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र (विशु) देवांगन, पार्षद योगेश लाल, पूर्णिमा गजानन रजक, सूरज गहरवाल, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे, सोमेश मेश्राम, गजानंद रजक और राजेश पांडे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। उच्चस्तरीय जांच की मां कांग्रेस पार्षद दल ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ठेकेदार पर दंडात्मक कार्रवाई करने तथा निगम की सभी खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शी जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से सदन तक आवाज उठाई जाएगी।
