बजट सत्र : विधान परिषद में जहानाबाद के शिव मंदिर के पर्यटन विकास की योजनाओं पर हुई चर्चा

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पटना{ गहरी खोज }: बजट सत्र के 17वें दिन बुधवार को बिहार विधान परिषद में जहानाबाद जिले के बराबर पहाड़ स्थित शिव मंदिर और वहां के लिए पर्यटन विकास की योजनाओं पर चर्चा हुई। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कुमार नगेंद्र ने सदन में कहा कि इस स्थान को विकसित करने के लिए वर्ष 2011 में ही रोपवे निर्माण की मंजूरी दी गई थी। इसके साथ ही यहां गेस्ट हाउस बनाने की योजना भी स्वीकृत हुई थी लेकिन सवाल यह है कि 14 वर्षों के बाद भी न तो रोपवे का निर्माण हुआ है और न ही गेस्ट हाउस का काम पूरा हो सका। एमएलसी कुमार नगेंद्र ने सदन को बताया कि गेस्ट हाउस केवल आंशिक रूप से ही उपलब्ध कराया गया है, जबकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए वहां कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि बराबर पहाड़ी तक जाने के रास्ते में न तो सीडीओ का निर्माण किया गया है और न ही महिलाओं की सुरक्षा का कोई ठोस प्रबंध है।
एमएलसी ने कहा कि मंदिर तक पहुंचने के रास्ते में शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। इस स्थिति के चलते महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु मंदिर तक जाने में कई कठिनाइयों का सामना करते हैं।
उन्होंने पर्यटन विभाग और राज्य सरकार से मांग की कि इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को विकसित करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। इस पर पर्यटन विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने जवाब दिया कि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी नहीं है कि अब तक रोपवे और गेस्ट हाउस का निर्माण क्यों नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जो जानकारी उन्हें मिली है उसके अनुसार रोपवे निर्माण का कार्य पूर्णत: निर्माण विभाग के अधीन है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर निर्माण कार्य नहीं हुआ है तो वे इसकी समीक्षा करवा लेंगे और यह पता लगाएंगे कि निर्माण में देरी क्यों हो रही है।
इस पर एमएलसी डॉक्टर राजवर्धन सिंह आजाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी इस तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो मंत्री केवल “समीक्षा करवा लेंगे” का ही जवाब देते हैं। । उन्होंने पूछा कि ऐसे मामलों पर मंत्री पहले क्यों नहीं ध्यान देते। क्या उन्हें मामलों की जानकारी नहीं होती या फिर मुद्दों को अनदेखा किया जाता है। इस पर मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने सदन को आश्वासन दिया कि वे मामले की समीक्षा करेंगे और निर्माण में देरी के कारणों को स्पष्ट करेंगे।

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