दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के हमले की चेतावनी, चांदनी चौक में सुरक्षा सख्त
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीड़भाड़ वाले धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाने की पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की साजिश की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया गया है। खुफिया सूचनाओं के अनुसार, विशेष रूप से चांदनी चौक स्थित एक मंदिर और लाल किले के आसपास के उच्च-सुरक्षा क्षेत्रों में आईईडी के माध्यम से हमले की आशंका जताई गई है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आतंकी लाल किले के निकटवर्ती क्षेत्रों सहित अन्य उच्च-सुरक्षा वाले इलाकों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के इस्तेमाल की योजना बना रहे हैं। इस अलर्ट के मद्देनजर चांदनी चौक के मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है और निरंतर निगरानी व सतर्कता सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) की तैनाती की गई है।
सुरक्षा के ये कड़े इंतजाम पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास हुए भीषण कार बम धमाके के मद्देनजर किए गए हैं। उस समय लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोटकों से भरी एक कार में हुए ब्लास्ट में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि उस धमाके में अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटकों का प्रयोग किया गया था। अधिकारियों ने बाद में उस वाहन के चालक की पहचान उमर मोहम्मद उर्फ ‘उमर उन नबी’ के रूप में की थी। नबी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक डॉक्टर था। जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी गौर कर रही हैं कि क्या लश्कर-ए-तैयबा का यह संभावित कदम इस महीने की शुरुआत में इस्लामाबाद की एक मस्जिद पर किए गए आतंकी हमले को दोहराने की मंशा से प्रेरित है।
ज्ञात हो कि गत छह फरवरी को इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमाम बारगाह क़सर-ए-खदीजतुल कुबरा मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट में 32 लोग मारे गए थे और 160 से अधिक घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने उस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा था, “इस्लामाबाद की मस्जिद में हुआ बम धमाका निंदनीय है और भारत इसमें हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली आंतरिक समस्याओं के समाधान के बजाय अपनी घरेलू बुराइयों के लिए दूसरों पर दोष मढ़कर स्वयं को भ्रम में रख रहा है। भारत ऐसे सभी आरोपों को खारिज करता है, जो पूरी तरह निराधार और अर्थहीन हैं।”
