इरविन खन्ना संपादकीय { गहरी खोज }: जालंधर के मॉडल टाऊन इलाके में गत शुक्रवार सुबह एक गुरुद्वारे के बाहर आम आदमी पार्टी (आप) के एक पदाधिकारी लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस अनुसार घटना सुबह करीब 7.55 बजे हुई, जब वह गुरुद्वारे से बाहर निकले थे। ओबेरॉय अपनी थार गाड़ी में बैठे थे, तभी दो शूटर स्कूटर पर आए और ओबेरॉय पर करीब से गोलियां चलाईं। उन्हें गंभीर हालत में एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ओबेरॉय आम आदमी पार्टी से जालंधर कैंट में वार्ड-35 के हलका इंचार्ज थे। उनका 11 दिन पहले ही जन्मदिन था। वहीं गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल ने मर्डर की जिम्मेदारी ली है। सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा- यह हमारे भाईयों को नुकसान पहुंचा रहा था। उसका जवाब आज हमने इसे दे दिया है। खालसा कॉलेज की प्रधानगी को लेकर यह सब कुछ हुआ है। इससे पहले 5 जनवरी, 2026 को लुधियाना के जगराओं में आप विधायक सरबजीत कौर माणूके के भतीजे गगनदीप सिंह की गोली मार हत्या की गई थी। हत्यारों ने सरेआम गगनदीप सिंह पर फायरिंग कर दी थी। हत्यारों ने आपसी रंजिश के चलते उसकी हत्या की थी। 4-5 जनवरी, 2026 को अमृतसर के मैरिमोल्ड रिजॉर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) के सरपंच जरमल सिंह की हत्या कर दी गई। वह तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के रहने वाले थे। वह एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान 2 बदमाश पैलेस में आए और बिल्कुल नजदीक आकर पॉइंट ब्लैंक से उनके सिर में गोली मार दी। उस वक्त सरपंच खाना खा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पंजाब और छत्तीसगढ़ से हत्यारों को गिरफ्तार किया था। 15 जनवरी, 2026 को पंजाब के होशियारपुर में ‘आप’ नेता की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। ‘आप’ नेता बलविंदर सिंह सतकरतार (60) की मियानी गांव में हार्डवेयर की दुकान थी। शाम को बाइक पर आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। बाइक सवार एक हमलावर बाहर खड़ा रहा, जबकि दो नकाबपोश सीधे दुकान के अंदर घुस गए। हमलावरों ने बिना कोई बात किए अपनी पिस्तौल से बलविंदर और लखविंदर पर 7 राऊंड फायरिंग कर दी थी। ‘आप’ नेताओं के अलावा भी पंजाब में कांग्रेस व आरएसएस नेताओं, कई व्यापारियों और खिलाड़ियों की भी हत्याएं हुई हैं। इन हत्याओं के कारण ‘आप’ सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर भी है और प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर जन साधारण भी परेशान है। उपरोक्त स्थिति तब है जब पंजाब पुलिस ने 20 जनवरी से गैंगस्टरों के विरुद्ध सीधी जंग छेड़ी हुई है और 4000 से ऊपर गिरफ्तारियां की गई हैं। इससे पहले पंजाब पुलिस ने पिछले एक वर्ष से ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ शुरू किया था, जिसमें 47000 से ऊपर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करोड़ों रुपए के नशीले पदार्थ भी पकड़े गए हैं। पंजाब में पुलिस द्वारा नशा तस्करों और गैंगस्टरों विरुद्ध जो जंग छेड़ी गई है, तस्कर और गैंगस्टर उसको एक चुनौती के रूप में ले रहे हैं। गैंगस्टरों ने ‘आप’ नेताओं को अपने निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। गैंगस्टरों और नशा तस्करों का लक्ष्य तो पंजाब सरकार द्वारा उनके विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों को असफल करने के साथ-साथ मान सरकार की छवि को खराब करना भी है। जब दिन-दिहाड़े कत्ल होते हैं तो लोगों में दहशत भी बढ़ती है और सरकार के प्रति विश्वास भी कमज़ोर होता है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कहा जा सकता है कि पंजाब व देश विरोधी ताकतें भी नशा तस्करों और गैंगस्टरों के पीछे रहकर एक बड़ी भूमिका निभा रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी को कमजोर करने का सबसे छोटा रास्ता यह ही है कि आम आदमी के नेताओं पर ही निशाना साधा जाए। 2027 के विधानसभा चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी के लिए विशेष महत्त्व रखते हैं। क्योंकि पार्टी का राजनीतिक भविष्य इन्हीं पर टिका हुआ है। इसलिए पंजाब में कानून व्यवस्था बनाये रखना पंजाब सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आयेंगे वैसे-वैसे पंजाब व देश विरोधी ताकतें और सक्रिय होती जाएंगी। नशा तस्करों और गैंगस्टरों के विरुद्ध पंजाब सरकार के अभियानों की सफलता और असफलता पर ही आम आदमी पार्टी की राजनीतिक सफलता और असफलता निर्भर है। इसलिए पंजाब की ‘आप’ सरकार को प्रदेश की कानून व्यवस्था को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।