उद्योग सहभागिता से ही सार्थक होंगे सुधार : केन्द्रीय सचिव

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विनियमन शिथिलीकरण चरण-द्वितीय के तहत अनुपालन सरलीकरण पर हुआ व्यापक मंथन

भोपाल { गहरी खोज }: सचिव केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय श्रीमती नीलम शमी राव ने कहा है कि उद्योगों को जमीनी स्तर पर सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था का वास्तविक अनुभव मिलना चाहिए। सुधार केवल अधिसूचनाओं तक सीमित न रहें, बल्कि प्रक्रियाओं की गति और स्पष्टता में दिखाई दें। उद्योगों को निवेशक भर नहीं, बल्कि शासन सुधार की प्रक्रिया का सहभागी भी बनाया जाए और उनके सुझावों को नीतियों के क्रियान्वयन में समाहित किया जाए।
केन्द्रीय सचिव श्रीमती राव शुक्रवार को एमपीआईडीसी भोपाल में आयोजित विनियमन शिथिलीकरण द्वितीय चरण के अंतर्गत अनुपालन में कमी पर केंद्रित कार्यबल की प्रथम बैठक को संबोधित कर रहीं थी। बैठक में उद्योग संघों, निवेश संवर्धन से जुड़े प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ राज्य में नियामकीय ढांचे को और अधिक सरल, तर्कसंगत एवं उद्योग अनुकूल बनाने की दिशा में विस्तृत चर्चा हुई।
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश ने विनियमन शिथिलीकरण चरण-प्रथम के अंतर्गत 23 प्राथमिकता क्षेत्रों में सभी सुधारों का सफल क्रियान्वयन कर एक मजबूत आधार तैयार किया है। भूमि उपयोग, भवन निर्माण अनुज्ञा, श्रम प्रावधानों, सार्वजनिक उपयोगिताओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में किए गए संरचनात्मक बदलावों ने निवेश के लिए अधिक सुव्यवस्थित वातावरण तैयार किया है।
द्वितीय चरण के अंतर्गत 28 प्राथमिक क्षेत्रों में समयबद्ध सुधारों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य केवल नियमों की संख्या घटाना नहीं, बल्कि अनुपालन बोझ को कम करना, विभागीय प्रक्रियाओं में दोहराव समाप्त करना और अनुमतियों को अधिक त्वरित बनाना है। इस चरण में व्यापक संशोधनों और समग्र सुव्यवस्थित ढांचे के माध्यम से परिवर्तन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बैठक में बताया गया कि पूर्णतः डिजिटलीकरण अनुमोदन प्रणाली, एकीकृत एकल खिड़की व्यवस्था तथा मध्यप्रदेश जन विश्वास अधिनियमों के अंतर्गत 108 प्रावधानों के अपराध मुक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को नियंत्रण-प्रधान व्यवस्था से विश्वास-आधारित और उत्तरदायी शासन मॉडल की ओर अग्रसर किया है। निवेशकों से सतत संवाद, पारदर्शी प्रक्रियाएं और समयबद्ध क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता के साथ मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए एक सशक्त, विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र को निरंतर मजबूत कर रहा है, जहां सुधारों का उद्देश्य अनुपालन में कमी, प्रक्रियाओं में स्पष्टता और निवेश में गति लाकर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को सुदृढ़ करना है।

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