ठगी के मामले में आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: शेयर बाजार में आईपीओ में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपित को क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। उप्र के सहारनपुर से संचालित इस साइबर ठगी रैकेट में पुलिस ने दो अन्य को पाबंद किया गया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्या गौतम ने मंगलवार को बताया कि मामले में शिकायतकर्ता एक बहुराष्ट्रीय तकनीकी कंपनी में कार्यरत है, जिसे शेयर बाजार आईपीओ में निवेश कराने के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। शिकायत के आधार पर साइबर सेल, क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने उप्र के सहारनपुर में दबिश देकर तीन आरोपितों को पकड़ा। पुलिस ने बताया कि इस मामले में इससे पहले भी दो आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान सहारनपुर निवासी सरवजीत (35) के रूप में हुई है। यह एलएलबी पास है। आरोपित ने ‘सर्वहित मानव सेवा समिति’ के नाम से खुले बैंक खाते को पैसों के लालच में ठगी के लिए उपलब्ध कराया। वहीं पकड़ा गया पवन (33) साइबर ठगों के लिए फर्जी और म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करता था। जबकि पुनीत (32) ने सरवजीत और पहले से गिरफ्तार आरोपित दीपक सैनी से बैंक खाता किट प्राप्त कर उसे साइबर ठगी गिरोह को सौंपा था।
जांच में सामने आया कि आरोपित एक नामी निवेश कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। वे फर्जी और स्वयं तैयार की गई वेबसाइटों के माध्यम से आईपीओ में निवेश का झांसा देते थे। अधिक मुनाफे का लालच देकर पीड़ितों से बड़ी रकम खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। ठगी की रकम को छिपाने और निकालने के लिए गरीब और बेरोजगार युवकों के नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे।
