उप्र में इन्वेस्टर समिट के माध्यम से 16,478 इकाइयां उतरी धरातल परः नन्दी
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधान परिषद में सदस्यों के तारांकित प्रश्नों का दिया जवाब
लखनऊ{ गहरी खोज }: उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2026-27 के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधान परिषद में विधान परिषद सदस्य डॉ. मान सिंह यादव एवं आशुतोष सिन्हा द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्नों का जवाब दिया। प्रश्नों का उत्तर देते हुए प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, ऐतिहासिक उपलब्धियों एवं निवेशोन्मुख वातावरण से अवगत कराया।
मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रान्ति ने गति पकड़ी है। उत्तम प्रदेश के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर निरंतर अग्रसर है।
इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक विधान परिषद सदस्य डॉ. मान सिंह यादव ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से पूछा था कि प्रदेश में इन्वेस्टर समिति के माध्यम से कितनी कम्पनियों ने भाग लिया है और उनमें से कितनी कम्पनियों ने अपना उद्योग स्थापित करते हुए कार्य शुरू किया। जिसका जवाब देते हुए मंत्री नन्दी ने विधान परिषद में कहा कि वर्ष 2018 में आयोजित इन्वेस्टर समिट में 1045 औद्योगिक इकाईयों ने 4.28 लाख करोड़ तो वहीं 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में 19 हजार 250 औद्योगिक इकाईयों ने 33.50 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया था। मंत्री नन्दी ने बताया कि इन्वेस्टर समिट के बाद ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह के माध्यम से बड़ी संख्या में इकाईयां स्थापित हुई हैं। जीबीसी-1 में 61,792 करोड़ में 81 परियोजनाओं, जीबीसी-2 में 67,202 करोड़ में 290 परियोजनाओं, जीबीसी-3 में 80,224 करोड़ में 1406 परियोजनाओं एवं जीबीसी-4 में 10,01,056 करोड़ में 14,701 परियोजनाओं समेत कुल 16,478 परियोजनाओं की ग्राउण्डिंग की गई।
वाराणसी खण्ड स्नातक विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से जनपद कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के चैनेज 196.9 से 197.30 के मध्य छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण कार्य के बारे में पूछा। जिसका जवाब देते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण के लिए जिला प्रशासन कन्नौज द्वारा किए गए चिन्हांकन के अनुसार 03 अगस्त 2024 को कार्रवाई प्रारम्भ किया गया था। लेकिन कुछ भाग पर काश्तकारों द्वारा वाद उत्पन्न कर दिए जाने के कारण निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका था। लेकिन अब वर्तमान में छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के कार्यों के लिए 400 करोड़ का बजट प्राविधान स्वीकृत है। छूटी हुई सर्विस लेन का निर्माण इस बजट प्राविधान के सापेक्ष आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में हुई बचत मद से किया जाना प्रस्तावित है। अगस्त महीने में ही निविदा आमंत्रित किया गया था। अनुबंध गठन के पश्चात कार्य पूर्ण करने की अवधि नौ माह है।
